देहरादून: त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा पर हमले के बाद नेपाल फरार हुए आरोपित यज्ञराज अवस्थी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। एसएसपी के निर्देश पर एक और पुलिस टीम को नेपाल भेजा गया है। आरोपित पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इससे पहले भी एक टीम उसकी तलाश में नेपाल भेजी जा चुकी है, हालांकि मामला अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़ा होने के कारण समन्वय में चुनौतियां सामने आ रही हैं।
इसी क्रम में थानाध्यक्ष सेलाकुई पीडी भट्ट को एक विशेष टीम के साथ नेपाल भेजा गया है, ताकि फरार आरोपित की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
इस बीच नार्थ ईस्ट छात्र संघ के अध्यक्ष ऋषिकेश बारवा ने रविवार को थानाध्यक्ष से मुलाकात कर फरार आरोपित को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस अब तक छात्र की हत्या में शामिल पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि छठा आरोपित घटना के बाद से फरार है।
बताया गया कि 9 दिसंबर को अभद्रता और जाति सूचक शब्दों के विरोध पर कुछ आरोपितों ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। इस दौरान छात्र पर चाकू से हमला भी किया गया। गंभीर रूप से घायल एंजेल की बीते शुक्रवार को अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। घायल एंजेल के भाई की तहरीर पर सेलाकुई थाने में सभी आरोपितों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
श्रद्धांजलि सभा में उठा न्याय का स्वर
एंजेल चकमा की याद में छात्रों एवं बुद्धिजीवियों द्वारा कैंडल लाइट श्रद्धांजलि एवं प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय और भाजपा नेता सुनील देओधर ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
त्रिपुरा के विधायक शंभु लाल चकमा (अगरतला) तथा मृतक छात्र के माता-पिता ने जूम के माध्यम से श्रद्धांजलि सभा में भाग लिया। विधायक शंभु लाल चकमा ने सभी आरोपितों पर हत्या का मुकदमा चलाने, ट्रायल में तेजी लाने और फरार अपराधी को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की।
पोस्टमार्टम को लेकर गंभीर आरोप
मृतक छात्र के पिता ने पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. पीयूष पांडे के आचरण पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सक का रवैया पारदर्शी नहीं था और पीड़ित की मदद के बजाय लापरवाही दिखाई गई।
उन्होंने सभी छह आरोपितों पर हत्या का मुकदमा चलाने की मांग करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से न्याय की अपील की। इस दौरान तरुण विजय ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन देते हुए कहा कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती, वे शांत नहीं बैठेंगे।
विधायक शंभु लाल चकमा ने कहा कि यह मामला केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज और पूरे राष्ट्र के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने उत्तर-पूर्व के प्रति समझ और संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। देहरादून में उत्तर-पूर्वी राज्यों से आने वाले छात्रों की बड़ी संख्या निवास करती है।

