सांसद खेल महोत्सव समापन पर सीएम धामी: बोले—खेल ही सशक्त और आत्मविश्वासी भारत की पहचान

 

 

 

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को तिब्बती मार्केट स्थित ओल्ड मल्टीपरपज हॉल में आयोजित सांसद खेल महोत्सव–2025 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न खेल स्पर्धाओं के विजेता खिलाड़ियों और टीमों को सम्मानित किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि अटल जी की जयंती केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर है। अटल जी ने यह संदेश दिया कि राजनीति सत्ता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का माध्यम होनी चाहिए।

अटल जी के विचारों को खेलों के जरिए नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा रहा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी युवाओं, खिलाड़ियों और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के प्रबल समर्थक थे। आज खेलों के माध्यम से जो अनुशासित, आत्मविश्वासी और सशक्त युवा भारत उभर रहा है, वह अटल जी के विचारों को सच्ची श्रद्धांजलि है।

प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से आंदोलन बना खेल महोत्सव

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से शुरू हुआ सांसद खेल महोत्सव अब केवल एक आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि गांव-गांव से खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने का प्रभावी मंच बन चुका है। इस महोत्सव के जरिए युवा खिलाड़ी जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन “फिट इंडिया, स्पोर्ट्स इंडिया, स्ट्रॉन्ग इंडिया” की सोच को जमीन पर उतारने का उदाहरण है। इससे पारंपरिक और लोक खेलों को नया जीवन मिला है और बच्चों व युवाओं को सकारात्मक दिशा मिली है। उन्होंने खेलों को नशे से दूर रखने का सबसे सशक्त माध्यम बताया।

राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड का ऐतिहासिक प्रदर्शन

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर राज्य के खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है। उन्होंने कहा कि अब उत्तराखंड को केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि खेलभूमि के रूप में भी पहचाना जाने लगा है।

खेल अधोसंरचना और योजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” के तहत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में हर वर्ष 920 उच्च स्तरीय एथलीट और लगभग 1000 अन्य खिलाड़ी आधुनिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी दी जा रही है।

युवा खिलाड़ियों को हर स्तर पर समर्थन

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, उदीयमान खिलाड़ी योजना और खेल किट योजना के माध्यम से उभरते खिलाड़ियों को लगातार सहयोग दिया जा रहा है। राष्ट्रीय खेल दिवस पर राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपये की सम्मान राशि देकर प्रोत्साहित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के युवाओं को खेल के माध्यम से आत्मनिर्भर, अनुशासित और राष्ट्र के लिए गौरव का प्रतीक बनाना है।

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