देहरादून: उत्तराखंड वन विभाग में 06 प्रभारी डीएफओ समेत 31 सहायक वन संरक्षकों (ACF) की नई तैनाती कर दी गई है। लेकिन पूरी तबादला सूची में सबसे ज्यादा चर्चा राजाजी टाइगर रिज़र्व को लेकर है। वजह है यहां चौथे ACF (SDO स्तर) की नियुक्ति, जबकि सामान्य तौर पर यहां 3 पद ही स्वीकृत हैं।
राजाजी रिज़र्व हाल ही में सांपों के अवैध ज़हर और वैनम सेंटर विवाद को लेकर सुर्खियों में रहा था। अब चौथे अफसर की तैनाती ने एक बार फिर इस रिज़र्व को चर्चाओं में ला दिया है।
अजय लिंगवाल – सहायक वन संरक्षक को प्रभारी उपनिदेशक, कार्यालय प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही उन्हें राजाजी टाइगर रिज़र्व का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वे पहले से ही राजाजी में कार्यरत थे।
विजय सैनी – उन्हें भी प्रभारी सहायक वन संरक्षक, राजाजी टाइगर रिज़र्व की जिम्मेदारी मिली है। सैनी पहले अवैध पेड़ कटान मामले में निलंबित हो चुके थे। हालांकि, उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उन्हें बहाल कर दिया गया और आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अन्य नियुक्तियां
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प्रदीप कुमार – प्रभारी डीएफओ, सिविल सोयम वन प्रभाग, अल्मोड़ा
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कार्तिकेय – प्रभारी डीएफओ, वन वर्धनिक साल, हल्द्वानी
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संतोष कुमार पंत – प्रभारी डीएफओ, भूमि संरक्षण वन प्रभाग, रानीखेत
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मयंक कुमार – प्रभारी डीएफओ, भूमि संरक्षण वन प्रभाग, कालसी
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मनीष जोशी – प्रभारी डीएफओ, अतिरिक्त भूमि संरक्षण वन प्रभाग, रामनगर
अन्य ACF तबादले
सूची में शामिल अन्य सहायक वन संरक्षक हैं:
विकास रावत, शालिनी जोशी, नेहा चौधरी, आरती, उषा पुरी, अनिल कुमार जोशी, अनिल सिंह रावत, राखी जुयाल, उदय नंद गौड़, किरण शाह, साधु लाल, ललित कुमार, राजकुमार, लक्की शाह, ज्वाला प्रसाद, सुनील कुमार, बिन्दर पाल, अमित कुमार, सावित्री गिरि, पूजा पायल, शिवानी गहलोत, सुनील दत्त बलोनी, रश्मि ध्यानी और जुगल किशोर।
आख़िर क्यों राजाजी टाइगर रिज़र्व में जरूरत से ज्यादा ACF तैनात किए जा रहे हैं? यही सवाल अब विभागीय हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
