मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को जनपद न्यायालय भवन निर्माण और स्नातक स्तरीय परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में दो अहम विषयों पर चर्चा की गई — जनपद एवं अधीनस्थ न्यायालयों, पारिवारिक न्यायालयों के आवासीय और अनावसिया भवन निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरण और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा प्रस्तावित स्नातक स्तरीय परीक्षा के सफल व पारदर्शी आयोजन की तैयारी।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी पौड़ी, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग एवं देहरादून को निर्देशित किया कि वे जनपद न्यायालयों के आवासीय व अनावसिया भवन निर्माण हेतु शीघ्र भूमि चिन्हित कर उसे हस्तांतरित करें। इससे न्यायालयों की कार्यक्षमता को बढ़ावा मिलेगा और न्यायिक सेवा का स्तर सुदृढ़ होगा।

इसके अतिरिक्त, मुख्य सचिव ने 21 सितंबर 2025 को आयोजित होने वाली स्नातक स्तरीय परीक्षा को पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिया कि परीक्षा स्थल पर गोपनीय सामग्री को डबल लॉक, सीसीटीवी कैमरों एवं सुरक्षा गार्डों की निगरानी में रखा जाए। संवेदनशील जनपदों की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाकर नकल माफिया और संदिग्ध कोचिंग संस्थानों की सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा,“परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ आयोजित करना हमारी प्राथमिकता है। इससे राज्य में भर्ती प्रक्रिया में विश्वास बढ़ेगा और योग्य उम्मीदवारों को अपने हक तक पहुँचने में सहूलियत होगी।”

इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव एल. फ़ैनाई, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, UKSSSC अध्यक्ष  जी. एस. मर्तोलिया, सचिव शैलेश बगौली सहित वरिष्ठ अधिकारी और सभी जिलाधिकारी व जनपद न्यायाधीश मौजूद रहे।

यह निर्णय उत्तराखंड सरकार की सुशासन और प्रशासनिक कार्यकुशलता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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