उत्तराखंड में दूध व खाद्य पदार्थों की संयुक्त निगरानी, टेस्टिंग लैब और फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स को मिलेगी रफ्तार

 

 

देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार पर राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की 5वीं बैठक आयोजित हुई, जिसमें मिलावटखोरी रोकने के लिए बड़े कदम उठाने पर सहमति बनी। बैठक में विशेष रूप से दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए उत्तर प्रदेश समेत पड़ोसी राज्यों के एफडीए के साथ संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि मिलावटखोरी में लिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और न्यायालयों में चल रहे मामलों की मज़बूत पैरवी होगी। उन्होंने फूड टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने, नई टेस्टिंग लैब स्थापित करने और ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ को जल्द लागू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, ‘ईट राइट कैंपस’ सर्टिफिकेशन को बढ़ावा देने, मिड डे मील व आंगनवाड़ी के टेक होम राशन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और यूज्ड कुकिंग ऑयल को फूड चेन से बाहर करने के लिए मजबूत कलेक्शन मैकेनिज्म बनाने पर जोर दिया।

सचिव आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में लिए गए 1684 खाद्य पदार्थों के सैंपल में से 1509 का विश्लेषण पूरा हो चुका है, जिनमें 62 सैंपल असुरक्षित और 78 घटिया या गलत ब्रांड वाले पाए गए। चारधाम और कांवड़ यात्रा मार्गों पर भी नियमित सैंपलिंग की गई। ‘सर्व सेफ फूड’ कार्यक्रम के तहत कुमाऊं में 1000 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिनमें से अब तक 540 को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

 

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