उत्तरकाशी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार देर रात उत्तरकाशी आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे, जहां उन्होंने हर्षिल-धराली क्षेत्र में बादल फटने और भूस्खलन की घटना के बाद चल रहे राहत और बचाव कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की।
उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत अभियानों की विस्तृत जानकारी ली और कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:
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प्रभावितों तक राहत सामग्री, मेडिकल टीम और बचाव दल की तुरंत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
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भोजन, पानी, चिकित्सा, संचार और आश्रय की सभी मूलभूत सुविधाएं पीड़ितों को तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।
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धराली-हर्षिल क्षेत्र में कनेक्टिविटी बहाल करने हेतु विसेट और जेनसेट की तत्काल तैनाती।
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हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किए गए लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था।
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रोड कनेक्टिविटी, बिजली, पानी और संचार जैसी सुविधाएं युद्धस्तर पर बहाल की जाएं।
आपदा से निपटने की दीर्घकालिक योजना पर बल:
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एक मजबूत पूर्वानुमान एवं संचार नेटवर्क आधारित रणनीति बनाई जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय और तेजी से क्रियान्वयन की हिदायत दी।
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से निरंतर संवाद:
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
प्रशासन की तैयारियां:
मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि NDRF, SDRF, पुलिस, ITBP और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं और लगातार कार्य कर रही हैं।
