कार्मिकों की कॉरपोरेट सैलरी योजना में सुस्ती पर प्रमुख सचिव सख्त, कर्मचारियों को योजना से जोड़ने के निर्देश



     

 

 -राज्य के केवल 60% कर्मचारी ही अब तक हुए लाभान्वित, जल्द दोबारा होगी समीक्षा

देहरादून: राज्य सरकार के राजकीय कार्मिकों को कॉरपोरेट सेविंग बैंक सैलरी योजना से जोड़ने की प्रक्रिया में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर प्रमुख सचिव वित्त आर.के. सुधांशु ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कर्मचारियों को इस योजना से शीघ्र जोड़ा जाए

केवल 60% कर्मचारी ही शामिल

बैठक में बताया गया कि राज्य के लगभग 1.56 लाख कर्मचारियों में से मात्र 60% को ही अब तक इस योजना के तहत जोड़ा गया है। शेष 40% कर्मचारी अभी भी इसके लाभ से वंचित हैं। इस पर प्रमुख सचिव ने कोषागार विभाग को सख्त निर्देश दिए कि “IFMS पोर्टल के माध्यम से सभी विभागीय कर्मचारियों को योजना की जानकारी और विकल्प तुरंत भेजे जाएं।”

किस योजना से जुड़ रहे हैं कर्मचारी?

राज्य सरकार ने कर्मचारियों को निःशुल्क बीमा कवर और अन्य वित्तीय लाभ देने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक और जिला सहकारी बैंक के साथ कॉरपोरेट सैलरी पैकेज योजना हेतु अनुबंध किया है। यह योजना पूरी तरह बैंकों द्वारा वित्तपोषित है और सभी कार्मिकों के लिए निशुल्क उपलब्ध है।

अब क्या होंगे कदम?

प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए:

  • बैंकों और विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं, ताकि कर्मचारियों को तुरंत जानकारी व सहायता मिल सके।

  • बैंक प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर SOP (मानक कार्यप्रणाली) तैयार की जाए।

  • योजना के क्रियान्वयन की फिर से जल्द समीक्षा की जाएगी।

सरकार की मंशा स्पष्ट है – हर सरकारी कर्मचारी को सुरक्षित, सशक्त और लाभकारी वित्तीय सुविधाएं मिलें। अब देखना होगा कि विभागीय स्तर पर इस योजना को कितनी तत्परता और गंभीरता से लागू किया जाता है।

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