TMP: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी आर गवई ने कहा है कि देश की सर्वोच्च अदालत अब केवल CJI केंद्रित नहीं रहेगी और न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मुंबई में बॉम्बे बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में मुख्य न्यायाधीश ने यह बात कही। उन्होंने बताया कि पूर्व CJI जस्टिस संजीव खन्ना के समय से ही इस दिशा में काम शुरू हुआ था और अब इसे और अधिक प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए पिछले तीन दिनों में 54 उम्मीदवारों का साक्षात्कार किया गया है।
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इन साक्षात्कारों के बाद 36 नामों की नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई है।
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नियुक्ति में समाज के सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास होगा।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि योग्यता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्य न्यायाधीश गवई ने लंबित मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अदालतों में मामलों के लंबित रहने का एक बड़ा कारण रिक्तियों का होना है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने के लिए तेजी से काम कर रहा है ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा हो सके।
मुख्य न्यायाधीश ने विश्वास जताया कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने से न्यायपालिका में जनता का विश्वास और मजबूत होगा और न्याय मिलने की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
