टनकपुर (चम्पावत): देवभूमि उत्तराखंड से कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 का शुभारंभ शनिवार को ऐतिहासिक बन गया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर स्थित पर्यटन आवास गृह से इस पवित्र यात्रा के पहले दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मंत्रों की गूंज, पारंपरिक स्वागत और सांस्कृतिक सौगातों के साथ यात्रा का पहला चरण श्रद्धा, सेवा और समर्पण का प्रतीक बन गया।
मुख्यमंत्री ने 11 राज्यों से आए श्रद्धालुओं का पारंपरिक रूप से स्वागत करते हुए कहा,“कैलाश मानसरोवर की यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मिक जागरण की यात्रा है। यह सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता।”
सीएम धामी ने यात्रियों को उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े स्मृति चिह्न भी भेंट किए और भगवान शिव से उनकी मंगलमयी यात्रा की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह यात्रा अब केवल मार्ग नहीं, बल्कि सीमाओं को पार करती हुई शिव से साक्षात्कार का जीवंत माध्यम बन गई है। जहां पहले यह यात्रा कई दिनों का कठिन सफर हुआ करती थी, वहीं अब तकनीकी और प्रशासनिक विकास ने इसे बेहद सुगम और सुलभ बना दिया है।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि उत्तराखंड सरकार इस यात्रा को सुगम, सुरक्षित और स्मरणीय बनाने के लिए पूर्णतः समर्पित है। स्वास्थ्य, आवास, सुरक्षा, भोजन और आवश्यक सुविधाएं प्रत्येक पड़ाव पर उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि किसी यात्री को कोई कठिनाई न हो।
इस ऐतिहासिक अवसर पर कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत, आईटीबीपी के आईजी संजय गुंजियाल, आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल, कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर, चम्पावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार, पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी, एसपी अजय गणपति सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड सरकार और चम्पावतवासियों के आतिथ्य और व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना की। यात्रा के पहले ही दिन उत्तराखंड ने फिर साबित कर दिया कि यह न केवल देवभूमि है, बल्कि आस्था और सेवा की भी राजधानी है।
