पीटीआई: अमेरिका द्वारा ऑटोमोबाइल क्षेत्र में लगाए गए भारी टैरिफ का भारत ने कड़ा जवाब दिया है। शुक्रवार को भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के तहत अमेरिका से आने वाले कुछ उत्पादों पर प्रतिकार शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम अमेरिका द्वारा सुरक्षा उपायों के नाम पर भारतीय ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर लगाए गए 25% शुल्क के खिलाफ उठाया गया है।
WTO द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, भारत अब अमेरिका से आयातित चुनिंदा उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाने की तैयारी में है। दरअसल, अमेरिका ने इस वर्ष 26 मार्च को यात्री वाहनों, हल्के ट्रकों और कुछ ऑटो उपकरणों के आयात पर 25% शुल्क लगाने की घोषणा की थी, जिससे भारतीय निर्यातकों पर सीधा असर पड़ा है।
भारत ने साफ कहा है कि अमेरिका का यह कदम WTO के जनरल एग्रीमेंट ऑन ट्रेड एंड टैरिफ 1994 और सुरक्षा उपायों के समझौते के अनुरूप नहीं है, और इसपर भारत से कोई परामर्श भी नहीं किया गया। ऐसे में भारत ने अपनी वैध प्रक्रिया के तहत टैरिफ बढ़ाने का अधिकार सुरक्षित रखते हुए यह प्रस्ताव पेश किया है।
जानकारी के अनुसार, इन अमेरिकी सुरक्षा उपायों से भारत से अमेरिका को सालाना निर्यात होने वाले करीब 2.89 अरब डॉलर (लगभग 24,000 करोड़ रुपये) के उत्पाद प्रभावित होंगे, जिन पर 72.37 करोड़ डॉलर (करीब 6,000 करोड़ रुपये) का टैरिफ लगने का अनुमान है।
यह कदम भारतीय निर्यातकों के हितों की सुरक्षा और अमेरिका द्वारा लगाए गए अनुचित करों के प्रभाव को संतुलित करने के लिए लिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत को अपने व्यापार हितों को मजबूती से रखने का अवसर मिलेगा और अमेरिका को भी WTO के नियमों के अनुरूप पुनर्विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
