उत्तराखंड में 2 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, देहरादून समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी; प्रशासन हाई अलर्ट पर

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), देहरादून द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 1 और 2 जुलाई 2026 को राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने सभी जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और आवश्यक एहतियाती इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

1 जुलाई: इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में भारी वर्षा की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली, तेज बारिश तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

2 जुलाई: पांच जिलों में फिर ऑरेंज अलर्ट

2 जुलाई को देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए भी भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

प्रशासन को जारी हुए सख्त निर्देश

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने, राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रखने और किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सड़क बंद होने की स्थिति में संबंधित विभागों को तत्काल मार्ग खोलने के लिए कहा गया है। साथ ही सभी विभागीय अधिकारी, आपदा प्रबंधन से जुड़े नोडल अधिकारी और आईआरएस प्रणाली के अधिकारियों को 24 घंटे सक्रिय रहने तथा अपने संचार माध्यम चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं।

ट्रैकिंग, स्कूल और शहरी क्षेत्रों पर विशेष निगरानी

प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के अनुसार ट्रैकिंग गतिविधियों पर आवश्यक प्रतिबंध लगाने, स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, शहरी क्षेत्रों में नालियों और कल्वर्टों की समय पर सफाई कराने, खाद्य सामग्री एवं चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बनाए रखने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए हैं।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करें।

 
 
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