- 24वें दीक्षांत समारोह में CM ने छह विद्यार्थियों को किया सम्मानित
- AI और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में अवसर तलाशने पर दिया जोर
देहरादून : उत्तराखंड के युवाओं को आधुनिक तकनीक, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवा केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहें, बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें। गुरुवार को बिधौली स्थित यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को मेहनत, निरंतर सीखने और अपनी प्रतिभा का उपयोग देश की प्रगति में करने का संदेश दिया। इस वर्ष विश्वविद्यालय के कुल 4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं।
4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां, छह को सिल्वर प्लेट पुरस्कार
दीक्षांत समारोह में नियमित पाठ्यक्रमों के 3,806 और यूपीईएस ऑनलाइन के 989 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि डिग्री हासिल करने के बाद विद्यार्थियों के जीवन का नया अध्याय शुरू होता है। अब उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी योग्यता और मेहनत के दम पर लक्ष्य हासिल करने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति की असली पहचान उसके व्यवहार, विनम्रता और संस्कारों से होती है। दूसरों की सहायता करना और समाज के लिए अच्छे कार्य करना ही वास्तविक संतुष्टि देता है।
AI, डेटा साइंस और ग्रीन एनर्जी में भविष्य तलाशें युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल तकनीक का है। इन क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलाव युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। आधुनिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों को जोड़ने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की गई है। वहीं, देहरादून में साइंस सिटी का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।
पांच साल में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने भर्ती व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। उनके अनुसार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्टार्टअप, नवाचार और इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
विकसित भारत के संकल्प में युवाओं की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने में युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और रचनात्मकता निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यूपीईएस से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश और दुनिया में अपनी उपलब्धियों से उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे।
उन्होंने हाल ही में आयोजित निबंध प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया और विभिन्न विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव दिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह भागीदारी युवाओं की सामाजिक जागरूकता और देश-प्रदेश के मुद्दों में उनकी रुचि को दर्शाती है।
विद्यार्थियों और परिजनों से भी मिले मुख्यमंत्री
दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और विभिन्न राज्यों से आए अभिभावकों का कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यार्थी और उनके परिजन उत्साहित नजर आए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षित, कुशल और आत्मनिर्भर युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

