हरिद्वार: कुंभ मेला-2027 के लिए हरिद्वार में चल रहे निर्माण कार्यों की रफ्तार और गुणवत्ता परखने के लिए मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने गुरुवार को विभिन्न परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों के साथ अरबेनिया वाहन से एक के बाद एक निर्माण स्थलों पर पहुंचे मुख्य सचिव ने मौके पर कार्यों की प्रगति, तकनीकी गुणवत्ता, उपयोगिता और तय समयसीमा की जानकारी ली। उन्होंने मेले के दौरान श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि कुंभ से जुड़े किसी भी निर्माण कार्य में समयसीमा और गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। जिन परियोजनाओं की गति अपेक्षित स्तर पर नहीं है, उनकी नियमित निगरानी कर तेजी लाने को कहा गया। उन्होंने कार्यों में आ रही अड़चनों को तत्काल चिन्हित कर समाधान करने और विभागों तथा कार्यदायी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए।
सड़क से घाट तक सुविधाओं पर फोकस
मुख्य सचिव ने रोड़ी-बेलवाला क्षेत्र में यूआईआईडीबी की प्रशासनिक मार्ग परियोजना और रोड़ी-बेलवाला व हरकी पैड़ी पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि निर्माण से तैयार होने वाली परिसंपत्तियों के पांच वर्ष की अनुबंध अवधि पूरी होने के बाद उनके स्थायी रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभाग या निकाय को सौंपने की व्यवस्था अभी से तय की जाए। इस संबंध में मेलाधिकारी को संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए।
हाथीपुल से अलकनंदा के बीच घाटों के पुनर्निर्माण और सुधार कार्यों को देखते हुए मुख्य सचिव ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा। घाटों पर मजबूत रेलिंग और चेन लगाने तथा पैदल आवाजाही को सुगम बनाने के निर्देश दिए। प्रशासनिक मार्ग के लिए 4325.14 लाख रुपये और हरकी पैड़ी रिवाइटलाइजेशन के लिए 6677.21 लाख रुपये स्वीकृत हैं।
सड़कों के साथ हरियाली और पैदल यात्रियों की सुविधा
ऋषिकुल क्षेत्र में मुख्य सचिव ने ओल्ड दिल्ली-नीतिपास मार्ग के नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने काम के दौरान यातायात और स्थानीय आवागमन प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा। सड़क किनारे फुटपाथ और उपयुक्त स्थानों पर पौधरोपण के जरिए हरियाली विकसित करने पर भी जोर दिया।
दूधाधारी चौक से ज्वालापुर सहित लोक निर्माण विभाग के अधीन शहर की आंतरिक सड़कों के नवीनीकरण के लिए 2164.49 लाख रुपये स्वीकृत हैं।
इसके बाद उन्होंने शिवमूर्ति चौक, शंकर आश्रम चौक और भगत सिंह चौक से विल्केश्वर तक चौराहों के सुधार तथा पैडेस्ट्रीयन फुटपाथ कार्यों का जायजा लिया। 683.60 लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और यातायात के सुचारु संचालन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
पुल और ड्रग वेयरहाउस की भी जांच
रोशनाबाद में मुख्य सचिव ने 251.98 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन ड्रग वेयरहाउस का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी इस परियोजना को तय समय में पूरा करने को कहा।
इसके बाद दक्षद्वीप स्थित बैरागी क्षेत्र में निर्माणाधीन 60 मीटर स्पान पुल का निरीक्षण किया। 1246.09 लाख रुपये की इस परियोजना की तकनीकी प्रगति की जानकारी लेते हुए मुख्य सचिव ने गुणवत्ता बनाए रखते हुए काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
सीसीआर-2 भवन पर विशेष निगरानी
मुख्य सचिव ने सीसीआर-2 भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कुंभ शुरू होने से पहले भवन को पूरी तरह तैयार करने के लिए काम में तेजी लाने और जरूरत पड़ने पर दिन-रात कार्य कराने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को कहा।
स्थलीय निरीक्षण के बाद डाम कोठी में कुंभ मेला और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें विभागवार निर्माण कार्यों और आगामी तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कार्यदायी संस्थाओं को पर्याप्त मानव संसाधन और मशीनरी उपलब्ध कराने के साथ निर्माण की गति बढ़ाने को कहा।
थर्ड पार्टी करेगी निर्माण की गुणवत्ता जांच
बैठक में कुंभ के निर्माण कार्यों की थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच के लिए नियुक्त टीयूवी एसयूडी साउथ एशिया प्रा. लि., क्वालिटी ऑस्ट्रिया सेंट्रल एशिया प्रा. लि. और ब्यूरो वेरिटास (इंडिया) प्रा. लि. के टीम लीडर्स से भी गुणवत्ता जांच की प्रगति जानी गई।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि गुणवत्ता परीक्षण लगातार और सख्ती से किया जाए। निर्माण में किसी भी तरह की कमी सामने आने पर उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए।
पार्किंग, डायवर्जन और भीड़ प्रबंधन पर भी मंथन
एनएच परियोजनाओं के चलते प्रभावित होने वाले पार्किंग स्थलों और डायवर्जन मार्गों तक पहुंच के लिए वैकल्पिक मार्गों और पुलों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कुंभ के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए पहले से प्रभावी ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे बड़े आयोजन में किसी एक विभाग की भूमिका पर्याप्त नहीं है। सभी विभागों और एजेंसियों को टीम भावना के साथ काम करना होगा, ताकि निर्माण कार्य समय पर पूरे हों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित हरिद्वार मिल सके।
पुलों का सुरक्षा ऑडिट, सीसीआर-2 की भी अतिरिक्त जांच
मेलाधिकारी सोनिका ने मुख्य सचिव को निर्माण कार्यों और अन्य तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि परियोजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता की बहुस्तरीय निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि कुंभ क्षेत्र के पुलों का संबंधित विभागों से सुरक्षा ऑडिट कराया जा चुका है। साथ ही आईआईटी रुड़की से भी पुलों की जांच कराने का आग्रह किया गया है। सीसीआर-2 भवन की गुणवत्ता जांच के लिए निर्धारित एजेंसी के अलावा केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान से भी अतिरिक्त गुणवत्ता परीक्षण कराने का निर्णय लिया गया है।
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