हरियाणा जाएंगे उत्तराखंड के युवा, संस्कृति और विकास के मॉडल को करीब से समझेंगे

 

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड के युवाओं को देश के दूसरे राज्यों की संस्कृति, विकास कार्यों और नवाचारों से परिचित कराने की पहल के तहत युवाओं का एक दल हरियाणा के भ्रमण पर जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में दल को शुभकामनाएं देते हुए अंतरराज्यीय युवा संवाद को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग राज्यों का भ्रमण युवाओं को वहां की संस्कृति, जीवनशैली, विकास योजनाओं और बेहतर कार्यप्रणालियों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर देता है। उन्होंने युवाओं से हरियाणा में स्थानीय स्तर पर हो रहे अच्छे कार्यों और नवाचारों को जानने तथा उपयोगी अनुभवों को उत्तराखंड के संदर्भ में साझा करने को कहा।

स्थानीय लोगों से संवाद की अपील

मुख्यमंत्री ने युवाओं से हरियाणा के इतिहास और संस्कृति के साथ वहां की खान-पान की परंपरा, खेल, कृषि और स्थानीय जीवनशैली को करीब से समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान स्थानीय युवाओं, खिलाड़ियों, किसानों और अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे लोगों से संवाद कर उनके अनुभव जानें।

उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के युवाओं को भी उत्तराखंड आने और यहां की संस्कृति, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों तथा विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को जानने का अवसर दिया जा रहा है। इससे युवाओं के बीच अनुभव और विचारों का आदान-प्रदान बढ़ेगा।

उत्तराखंड की पहचान भी दूसरे राज्यों तक पहुंचाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे प्रदेशों में जाने वाले उत्तराखंड के युवा राज्य के प्रतिनिधि के रूप में वहां की लोक संस्कृति, लोकपर्व, खान-पान, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों की जानकारी भी साझा करें।

उन्होंने चारधाम के अलावा आदि कैलाश, जागेश्वर, कैंची धाम, शीतकालीन पर्यटन और साहसिक पर्यटन जैसे स्थलों को देश के दूसरे हिस्सों में प्रचारित करने में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

महिला समूहों और स्थानीय उत्पादों पर भी फोकस

मुख्यमंत्री ने युवाओं से महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की जानकारी दूसरे राज्यों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिलेट्स, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद और होम-स्टे जैसे क्षेत्रों में उत्तराखंड की संभावनाओं से भी लोगों को परिचित कराया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम केवल राज्यों के भ्रमण तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इन्हें युवाओं के बीच संस्कृति, अनुभव और विचार साझा करने का मंच बनाया जाना चाहिए। इससे युवाओं को देश की विविधता समझने और अलग-अलग क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों से सीखने का अवसर मिलेगा।

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