चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले सभी छह लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। शनिवार सुबह अंतिम शव को भी घटनास्थल से निकाल लिया गया। इसके साथ ही दुर्घटनास्थल पर चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया। सभी शवों को पहले ज्योतिर्मठ लाया गया और फिर ऋषिकेश स्थित एम्स पहुंचाया गया। यहां से शवों को हवाई मार्ग से उनके घर भेजा गया।
रेस्क्यू अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, स्थानीय पुलिस, फायर सर्विस, जिला प्रशासन और सेना के जवानों की टीमें जुटी थीं। दुर्गम क्षेत्र और शवों की क्षत-विक्षत स्थिति के कारण बचाव दल को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, अंतिम शव को सुबह 4:40 बजे घटनास्थल से निकालकर तोली नाला के पास सड़क मार्ग तक पहुंचाया गया। इसके बाद सुबह 6:20 बजे शव को ज्योतिर्मठ की मोर्चरी लाया गया। सभी शवों को आगे की प्रक्रिया के लिए ऋषिकेश एम्स भेजा गया।
बदरीनाथ से सहस्त्रधारा लौटते समय हुआ हादसा
यह दुर्घटना शुक्रवार को उस समय हुई, जब ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर बदरीनाथ धाम से सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट के लिए रवाना हुआ था। खराब मौसम के बीच ज्योतिर्मठ क्षेत्र में हाथी पहाड़ के ऊपर चांई गांव और लामबगड़ के बीच जंगल में हेलीकॉप्टर पहाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे। सभी की हादसे में मौत हो गई। बताया गया कि यात्री देश के प्रथम गांव माणा घूमने गए थे और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए सहस्त्रधारा लौट रहे थे। इसी दौरान यह हादसा हुआ।
हादसे में इन छह लोगों की गई जान
दुर्घटना में जान गंवाने वालों में एक पायलट और पांच यात्री शामिल हैं।
पायलट
– कैप्टन हिमांशु सभरवाल (48 वर्ष), निवासी दिल्ली।
यात्री
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प्रतापा (41 वर्ष), निवासी कर्नाटक।
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अरुण सालुंके (44 वर्ष), निवासी कर्नाटक।
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वी.बी. शंकर गौड़ा (39 वर्ष), निवासी कर्नाटक।
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सुधीर के. (50 वर्ष), निवासी कर्नाटक।
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एच.एस. नटराजा (51 वर्ष), निवासी कर्नाटक।
रेस्क्यू टीमों ने कठिन परिस्थितियों में अभियान चलाकर सभी छह शवों को बाहर निकाला। इसके बाद शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

