देहरादून: उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते अगले 24 घंटे मौसम के लिहाज से संवेदनशील रहने वाले हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के फ्लैश फ्लड गाइडेंस सेल ने 11 अगस्त शाम 5:30 बजे तक प्रदेश के 12 जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड का जोखिम जताया है।
इन जिलों में खतरा:
अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पौड़ी गढ़वाल।
लगातार बारिश से मिट्टी के अत्यधिक संतृप्त होने के कारण निचले इलाकों में जलभराव और सतही पानी के तेज बहाव की स्थिति बन सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में छोटी जलधाराओं, गदेरों और नालों में भी अचानक पानी बढ़ने की आशंका जताई गई है।
आपदा तंत्र अलर्ट मोड पर
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश की स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। सभी जिलों के आपातकालीन केंद्रों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को फ्लैश फ्लड, जलभराव, भूस्खलन और अचानक बढ़ते नदी-नालों के जलस्तर से निपटने के लिए जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
पर्यटकों और लोगों से अपील
आपदा प्रबंधन विभाग ने खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। लोगों को नदी, नाले, गदेरे और बरसाती जलधाराओं के पास न जाने तथा बढ़ते जलस्तर में पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी गई है।
भूस्खलन संभावित मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने और यात्रा से पहले मौसम व सड़क की स्थिति की जानकारी लेने को कहा गया है।
