ऋषिकेश: उत्तराखंड में पर्यटन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए गंगा बैराज पर सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग की गई। इस ट्रायल के साथ ही राज्य में हवाई पर्यटन के एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
यह पहली बार है जब गंगा बैराज पर सी-प्लेन ने सफलतापूर्वक उतरकर अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया। इस पहल को राज्य में आधुनिक परिवहन सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार कनेक्टिविटी सुधारने और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के प्रयास कर रही है। सी-प्लेन सेवा की यह पहल उसी विजन का हिस्सा है, जो धार्मिक और एडवेंचर टूरिज्म को मजबूत करेगी।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बूस्ट
विशेषज्ञों के अनुसार, सी-प्लेन सेवा शुरू होने से:
- चारधाम यात्रा और धार्मिक पर्यटन को तेजी मिलेगी
- एडवेंचर और वीकेंड टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा
- देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का समय बचेगा
- स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर बनेंगे
टिहरी, नैनीताल तक विस्तार की योजना
सरकार की योजना है कि इस सेवा को आगे बढ़ाते हुए
टिहरी झील और
नैनीताल झील
जैसे प्रमुख जलाशयों तक भी विस्तारित किया जाए। इससे उत्तराखंड को देश का प्रमुख सी-प्लेन डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में काम होगा।
नई उड़ान की शुरुआत
यह ट्रायल न केवल तकनीकी रूप से सफल रहा, बल्कि इसने यह भी स्पष्ट कर दिया कि आने वाले समय में उत्तराखंड में हवाई पर्यटन तेजी से विकसित होगा।
