चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड भीड़ के बीच सरकार सतर्क, दर्शन व्यवस्था के लिए बनेगी नई एसओपी

 

 

 

देहरादून: चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने यात्रा प्रबंधन और दर्शन व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को चारों धामों के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा प्रबंधन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा मार्गों पर रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक वाहनों की आवाजाही पर लगे प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों और ट्रकों को केवल रात्रिकाल में ही संचालित करने की अनुमति दी जाए।

बैठक में भीड़ प्रबंधन को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी धाम या पड़ाव पर निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ हो जाती है, तो होल्डिंग एरिया और प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर श्रद्धालुओं एवं वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाए। यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से आगे भेजा जाए ताकि धामों में अव्यवस्था और दबाव की स्थिति उत्पन्न न हो।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका जा रहा है, वहां भोजन, पेयजल, पार्किंग, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही यात्रियों को प्रतीक्षा अवधि, भीड़ की स्थिति और आगे की व्यवस्थाओं की नियमित जानकारी भी दी जाए, ताकि किसी प्रकार की असुविधा या भ्रम की स्थिति न बने।

44 दिनों में रिकॉर्ड 29.85 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

इस वर्ष चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक देखने को मिल रहा है। यात्रा के पहले 44 दिनों में ही 29.85 लाख श्रद्धालु चारों धामों में दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि में पहुंचे 26.34 लाख श्रद्धालुओं की तुलना में लगभग 3.51 लाख अधिक है।

यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से मानसून के मद्देनजर यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि नई एसओपी और बेहतर समन्वय के जरिए रिकॉर्ड संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा सकेगा।

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