TMP: हरिद्वार और ऋषिकेश शहरों में यातायात दबाव कम करने के लिए 25 किलोमीटर लंबे वैकल्पिक बाईपास मार्ग के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चंडीघाट (हरिद्वार) से नीलकंठ (ऋषिकेश) तक प्रस्तावित रूट का सर्वे किया।
सर्वे के दौरान वन्यजीव गलियारों को सुरक्षित रखते हुए सड़क का अंतिम अलाइनमेंट तय करने पर चर्चा हुई। वन्य जीवों के पारंपरिक रास्तों को ध्यान में रखते हुए अंडरपास बनाने का प्रस्ताव है। यह मार्ग राजाजी टाइगर रिज़र्व से होकर गुजरेगा।
बाईपास बनने से हरिद्वार और ऋषिकेश के भीतर जाम की समस्या में राहत मिलेगी और खासकर चारधाम व कांवड़ यात्रियों को सीधी और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।
इस परियोजना का मुद्दा हरिद्वार सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संसद के मानसून सत्र में उठाया था, जिस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जल्द सर्वे शुरू कराने का आश्वासन दिया था।
