120 घंटे की जगह सिर्फ़ 37 घंटे चर्चा: हंगामे में डूबा संसद का मानसून सत्र, ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारों से गूंजा आखिरी दिन
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र लगातार हंगामे की भेंट चढ़कर गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। 21 जुलाई से शुरू हुए इस सत्र के लिए कुल 120 घंटे का समय तय था, लेकिन नारेबाजी, तख्तियां लहराने और बिल फाड़ने जैसे घटनाक्रमों के बीच लोकसभा में महज 37 घंटे…
