भगवान केदारनाथ और माँ गंगा की डोलियाँ चली अपने अपने धामो को।

 

आज दिनाँक 2 मई को बाबा केदारनाथ की डोली पूजा-अर्चना के बाद अपने ग्रीष्मकालीन पड़ाव केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो गई।

रवानगी से वैदिक मंत्रिचर के बीच पूर्व मुख्य महंत श्री लिंग ने भगवान केदारनाथ की पुजा-अर्चना की और समस्त संसार के कल्याण के लिए प्रार्थना की। 6 मई से बाबा केदार की पूजा केदारनाथ धाम मे स्थित पांडवकालीन मंदिर मे होगी। इसी दिन केदारनाथ धाम के कपाट आम जनमानस के लिए खोल दिये जायेंगे। जहाँ पर भगवान अगले 6 मास तक अपने भक्तो को दर्शन देंगे।

इस बार पूर्व की अपेक्षा ज्यादा श्रद्धालुओं के केदारनाथ पाहुचने की संभावना है। इसलिए बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष शिर अजेंद्र अजय जी ने भी धाम की व्यवस्था और सुविधा संसाधनो को देखते हुए यात्रियो को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए सरकार से प्रतिदिन दर्शन करने वाले यात्रियो की संख्या निर्धारित करने का आग्रह किया था। जिसे स्वीकार करते हुए सरकार ने केदारनाथ के लिए प्रतिदिन 12000 श्रद्धालुओ के दर्शन का आदेश जारी कर दिया है।

उधर उत्तरकाशी मे भी माँ गंगा की डोली अपने मुखबा स्थित शीतकालीन पड़ाव से गंगोत्री के लिए रवाना हो गई। 3 मई से माँ गंगा गंगा के गंगोत्री धाम के कपाट श्राद्धलुओ के लिए खोल दिये जायेंगे।

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