धामी कैबिनेट के 26 फैसले: खिलाड़ियों को मुफ्त बस यात्रा, दिव्यांग छात्रों को बोर्ड परीक्षा में राहत

 

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड में युवाओं, खिलाड़ियों और दिव्यांग विद्यार्थियों को राहत देने से जुड़े कई अहम फैसलों पर धामी कैबिनेट ने मुहर लगाई है। बृहस्पतिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 26 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र में करीब 7,000 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट लाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई।

कैबिनेट के फैसलों में खिलाड़ियों को परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा, जिलों में खेल प्रशिक्षकों की तैनाती, दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में राहत और लंबित स्टाम्प वादों के निपटारे के लिए एकमुश्त समाधान योजना शामिल हैं।

खिलाड़ियों को बसों में मुफ्त सफर, हर जिले को मिलेगा एक खेल

राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस फैसले से पात्र खिलाड़ियों को यात्रा में आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

वहीं, ‘एक जिला, एक खेल’ योजना के तहत 14 मुख्य खेल प्रशिक्षकों की तैनाती को भी स्वीकृति मिली है। योजना के तहत प्रत्येक जिले को एक प्रमुख खेल से जोड़ा जाएगा और संबंधित खेल के मुख्य प्रशिक्षक की तैनाती उसी जिले में होगी। इसके अतिरिक्त खेल निदेशालय में भी एक मुख्य खेल प्रशिक्षक तैनात किया जाएगा।

एडवेंचर टूरिज्म के लिए बनेगा निगम

प्रदेश में साहसिक और पर्यावरणीय पर्यटन को व्यवस्थित, सुरक्षित और टिकाऊ तरीके से विकसित करने के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन बनाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इससे साहसिक पर्यटन गतिविधियों के नियोजन और विकास को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में कदम बढ़ेगा।

दिव्यांग विद्यार्थियों को 10वीं-12वीं में पांच प्रतिशत की छूट

उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में कुछ श्रेणियों के दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तीर्ण अंकों में पांच प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया गया है।

इसका लाभ बौद्धिक दिव्यांगता, मानसिक अस्वस्थता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, सेरेब्रल पाल्सी और विशेष अधिगम अक्षमता से संबंधित विद्यार्थियों को मिलेगा। कैबिनेट के फैसले के अनुसार, इन श्रेणियों के विद्यार्थियों को 28 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर उत्तीर्ण माना जाएगा।

3,600 लंबित स्टाम्प वादों के लिए ओटीएस योजना

प्रदेश में लंबित स्टाम्प वादों के शीघ्र निस्तारण के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) समाधान योजना लागू करने का फैसला किया गया है। इसका उद्देश्य मामलों का पारदर्शी और समयबद्ध निपटारा करना, राजस्व वसूली को बढ़ावा देना और संबंधित पक्षों को ब्याज व अर्थदंड की देयता में राहत देना है।

सरकार के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्टाम्प कलेक्टर और राजस्व परिषद के न्यायालयों में करीब 3,600 स्टाम्प वाद लंबित हैं। नई योजना से इन मामलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है।

सड़क-पुल निर्माण की मंजूरी प्रक्रिया में बदलाव

लोक निर्माण विभाग के तहत सड़क और पुल निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने सहमति दी। मौजूदा व्यवस्था में दूसरे चरण के कार्यों के तहत पहाड़ कटान, सुरक्षा दीवार, पुलिया, नाली और अन्य निर्माण कार्यों की मंजूरी अलग-अलग चरणों में दी जाती है।

नई व्यवस्था में दूसरे चरण के सभी कार्यों को एक ही चरण में स्वीकृति दी जाएगी। इससे पहाड़ कटान के बाद जरूरी सुरक्षात्मक निर्माण समय पर कराने में मदद मिलेगी और सड़कों को नुकसान पहुंचने की आशंका कम की जा सकेगी।

कैबिनेट के फैसलों में युवाओं, खेल, पर्यटन, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है। अनुपूरक बजट को मंजूरी मिलने के बाद अब गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र में इस पर आगे की प्रक्रिया होगी।

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