देहरादून। जमीन के नामांतरण यानी दाखिल-खारिज से जुड़े मामलों के निस्तारण में अब अनावश्यक देरी नहीं चलेगी। राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव रंजना राजगुरु ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
गुरुवार को हुई समीक्षा बैठक में प्रदेश के अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों में चल रहे नामांतरण मामलों और राजस्व न्यायिक कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक मामले का निस्तारण नियमों के अनुसार उसके गुण-दोष के आधार पर किया जाए।
रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश
राजस्व न्यायालयों के अभिलेख और जरूरी पंजीकाएं नियमित रूप से अपडेट रखने पर भी जोर दिया गया। निस्तारित मामलों की पत्रावलियों को नियमानुसार समय पर रिकॉर्ड रूम में जमा कराने के निर्देश दिए गए, ताकि अपील की स्थिति में मूल रिकॉर्ड संबंधित अपीलीय न्यायालय को आसानी से उपलब्ध कराया जा सके।
इसके साथ ही अदालतों से जारी होने वाले समनों की तामील भी तय समय में कराने को कहा गया। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में नामांतरण मामलों से जुड़े समनों की समयबद्ध तामील पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
अगले महीने से ‘नामांतरण दिवस’
राजस्व परिषद प्रदेश में अगले महीने से ‘नामांतरण दिवस’ आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए सभी तहसीलों के पीठासीन अधिकारियों को पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा बैठक में संयुक्त संचालक (चकबंदी) नरेश चन्द्र दुर्गापाल, उप राजस्व आयुक्त मीनाक्षी पटवाल, जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) नितिन वशिष्ठ सहित प्रदेश के सभी अपर जिलाधिकारी शामिल हुए।

