TMP: नई दिल्ली में आयोजित The Economic Times World Leaders Forum 2026 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की विकास यात्रा और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राज्य विकास को पर्यावरण संरक्षण, रोजगार, निवेश और सामाजिक समानता के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) को उत्तराखंड के सुशासन मॉडल की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे समान अधिकारों और सामाजिक न्याय की दिशा में नई पहल हुई है। उन्होंने नीति आयोग की SDG रैंकिंग में राज्य के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया।
रोजगार के मुद्दे पर धामी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नकल विरोधी कार्रवाई को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं का भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
निवेश के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद राज्य में निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। सरकार ने उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए 30 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं और निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने पर जोर दिया जा रहा है।
कनेक्टिविटी और पर्यटन पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर और हवाई कनेक्टिविटी को उत्तराखंड के विकास की महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाएं बताया। उनका कहना था कि बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
पर्यटन को लेकर उन्होंने चारधाम, कांवड़, आदि कैलाश और विंटर टूरिज्म का उल्लेख किया। सरकार का लक्ष्य पर्यटन को केवल गर्मियों तक सीमित रखने के बजाय बारह महीने की आर्थिक गतिविधि में बदलना है। हर्षिल-मुखवा जैसे क्षेत्रों को शीतकालीन पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सीमांत क्षेत्रों के विकास पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती गांवों को ‘प्रथम गांव’ की अवधारणा के तहत विकसित किया जा रहा है। बेहतर सड़क, कनेक्टिविटी, पर्यटन और रोजगार के अवसरों के जरिए स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्रों में ही आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास है।
AI और नई तकनीक पर भी फोकस
धामी ने कहा कि उत्तराखंड भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान, तकनीक और नवाचार को तेजी से अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य की नई नवाचार नीति का उद्देश्य तकनीक आधारित विकास और नए अवसरों को बढ़ावा देना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का विकास मॉडल केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है। लक्ष्य ऐसा संतुलित विकास है, जिसमें युवाओं को रोजगार, महिलाओं को अवसर, सीमांत क्षेत्रों को नई पहचान, निवेशकों को बेहतर वातावरण और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने आगामी जनवरी 2027 हरिद्वार कुंभ की तैयारियों का भी उल्लेख किया और देशवासियों को कुंभ में शामिल होने का निमंत्रण दिया।