104 हेल्थ हेल्पलाइन बनी ‘प्रोएक्टिव हेल्थ सिस्टम’, 1.38 करोड़ से ज्यादा कॉल से जुड़ा स्वास्थ्य तंत्र

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड में 104 हेल्थ हेल्पलाइन अब सिर्फ स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने या शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं रह गई है। पिछले एक दशक में यह व्यवस्था मरीजों की निगरानी, फॉलोअप और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जमीनी पहुंच जांचने वाले प्रोएक्टिव हेल्थ सिस्टम के रूप में विकसित हुई है।

स्वास्थ्य निदेशालय में संचालित 104 कॉल सेंटर अब तक 1 करोड़ 38 लाख से अधिक स्वास्थ्य संबंधी कॉल कर चुका है। राज्य के सभी 13 जिलों में 27 स्वास्थ्य सेवाओं और कार्यक्रमों से जुड़े लाभार्थियों की निगरानी इस व्यवस्था के जरिए की जा रही है।

अस्पताल पहुंचने के बाद भी मरीज से संपर्क

104 की खासियत यह है कि स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में मरीज के पंजीकरण के बाद उसकी जानकारी कॉल सेंटर तक पहुंचती है। इसके बाद जरूरत के अनुसार लाभार्थी से फोन पर संपर्क कर उपचार और स्वास्थ्य की स्थिति का फॉलोअप लिया जाता है।

गर्भवती महिलाओं के लिए यह व्यवस्था विशेष रूप से उपयोगी है। गर्भावस्था के दौरान जरूरी टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी से लेकर प्रसव तक फॉलोअप किया जाता है। बच्चे के जन्म के बाद भी करीब डेढ़ वर्ष तक टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर नजर रखी जाती है।

27 स्वास्थ्य कार्यक्रमों की निगरानी

104 हेल्पलाइन के जरिए आयुष्मान भारत, आशा, बाल स्वास्थ्य, चारधाम यात्रा, ई-संजीवनी, डेंगू, हीमोफीलिया, हेपेटाइटिस, एचआईवी, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था, मातृ स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, टीबी, थैलेसीमिया, उच्च रक्तचाप और मधुमेह समेत 27 स्वास्थ्य सेवाओं एवं कार्यक्रमों से जुड़े लाभार्थियों से संपर्क किया जाता है।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम और एंटी रेबीज सेवाओं के तहत भी लोगों को आवश्यक जानकारी और परामर्श उपलब्ध कराया जाता है।

योजनाओं का लाभ मिला या नहीं, 104 से होती है जांच

हेल्पलाइन के जरिए लाभार्थियों से सीधे फीडबैक भी लिया जाता है। सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत मिलने वाले वित्तीय लाभ और प्रोत्साहन की जानकारी का क्रॉस-चेक कर यह जानने का प्रयास किया जाता है कि संबंधित योजना का लाभ वास्तव में पात्र व्यक्ति तक पहुंचा या नहीं।

पहाड़ में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने की पहल

भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण उत्तराखंड में 104 हेल्पलाइन स्वास्थ्य सेवाओं को दूरदराज के लाभार्थियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। अब इसका फोकस केवल आने वाली कॉल का जवाब देने के बजाय लाभार्थी तक खुद पहुंचना, स्वास्थ्य स्थिति जानना और समय पर फॉलोअप करना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाना सरकार की प्राथमिकता है। 104 हेल्थ हेल्पलाइन इसी दिशा में काम करते हुए लोगों की समस्याओं के समाधान के साथ उनकी स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर निगरानी और फॉलोअप सुनिश्चित कर रही है।

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