देहरादून: उत्तराखंड में सरकारी संपत्तियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ-साथ निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सरकारी धन के बेहतर उपयोग पर सरकार ने फोकस बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत बुधवार को राज्य संपत्ति विभाग की तीन प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की गई।
सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा में देहरादून के राजपुर रोड स्थित टिहरी हाउस में 28 बहुमंजिला सरकारी आवास, नवी मुंबई के वाशी स्थित राज्य अतिथि गृह और हल्द्वानी सर्किट हाउस के विस्तार से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई। अधिकारियों को सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के साथ गुणवत्ता और लागत नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
टिहरी हाउस में बनेंगे 28 बहुमंजिला आवास
देहरादून के राजपुर रोड स्थित टिहरी हाउस परिसर में श्रेणी-5 के 28 बहुमंजिला आवास बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इस योजना को लेकर विभागीय व्यय वित्त समिति की बैठक में विस्तृत आगणन और निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई।
योजना की अनुशंसित लागत 4391.14 लाख रुपये यानी करीब 43.91 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। बैठक में लोक निर्माण विभाग, देहरादून की ओर से प्रस्तावित कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया गया।
सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि निर्माण की प्रति वर्ग मीटर लागत को न्यूनतम संभव स्तर पर रखा जाए, ताकि सरकारी धन का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित हो सके। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि लागत कम करने के नाम पर निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं
सचिव ने प्रस्तावित आवासों में उत्कृष्ट गुणवत्ता की निर्माण सामग्री इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। निर्माण शुरू होने से पहले सामग्री के स्पेसिफिकेशन स्पष्ट रूप से तय करने और ठेकेदार के चयन के बाद निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने कार्ययोजना में कुछ जरूरी डिजाइन बदलाव करने के भी निर्देश दिए। इसके तहत कैंप कार्यालय का क्षेत्रफल कम करने और कैंप अटेंडेंट एरिया का क्षेत्रफल बढ़ाने को कहा गया।
सभी संशोधनों को शामिल करते हुए संशोधित डीपीआर जल्द शासन को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परियोजना को आगे बढ़ाने में अनावश्यक देरी न हो।
वाशी के राज्य अतिथि गृह की भी समीक्षा
नवी मुंबई के वाशी स्थित राज्य अतिथि गृह की वर्तमान स्थिति और व्यवस्थाओं को लेकर भी समीक्षा की गई। बैठक में अतिथि गृह से संबंधित आवश्यक कार्यों और मौजूदा व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई।
अधिकारियों से अतिथि गृह की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। राज्य के बाहर स्थित सरकारी संपत्तियों के बेहतर रखरखाव और प्रभावी उपयोग को लेकर विभाग की ओर से नियमित समीक्षा पर भी जोर दिया गया।
बैठक में अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी अभिषेक रूहेला, संयुक्त सचिव सुरेंद्र सिंह रावत और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार त्रिपाठी मौजूद रहे।
हल्द्वानी सर्किट हाउस में बढ़ेंगी सुविधाएं
नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित सर्किट हाउस में भी सुविधाओं के विस्तार की तैयारी है। गेस्ट हाउस और गोदाम के विस्तारीकरण के तहत प्रथम तल पर अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की योजना पर अधिकारियों ने चर्चा की।
सचिव ने अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी को संबंधित व्यवस्थाधिकारी के साथ संयुक्त स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौके की वास्तविक स्थिति और जरूरतों का आकलन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही इस पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि हल्द्वानी सर्किट हाउस में प्रस्तावित सुविधाओं का विस्तार जल्द शुरू किया जा सके।
सरकारी धन के इस्तेमाल पर रहेगी पैनी नजर
तीनों योजनाओं की समीक्षा के दौरान सरकार का फोकस स्पष्ट रहा—गुणवत्ता, लागत नियंत्रण और समयबद्धता। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हों और सरकारी धन का अधिकतम उपयोग जनहित में किया जाए।
सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि राज्य संपत्ति विभाग के अंतर्गत आने वाली सभी परिसंपत्तियों और निर्माण योजनाओं में गुणवत्ता, लागत नियंत्रण और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि टिहरी हाउस के आवासों में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री के इस्तेमाल और प्रति वर्ग मीटर लागत को न्यूनतम रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं वाशी स्थित राज्य अतिथि गृह और हल्द्वानी सर्किट हाउस से जुड़ी योजनाओं को आवश्यक निरीक्षण और कार्रवाई के बाद समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
यानी सरकार का फोकस सिर्फ नई सरकारी इमारतें बनाने पर नहीं, बल्कि मौजूदा संपत्तियों को बेहतर सुविधाओं से लैस करने और हर रुपये का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर भी है।

