देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की मुश्किल परिस्थितियों के बीच चारधाम यात्रा लगातार रफ्तार पकड़ रही है। बारिश, भूस्खलन और मौसम की चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यात्रा सीजन के 114 दिन पूरे होने तक 47,02,703 श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं।
यह संख्या पिछले साल इसी अवधि में दर्ज यात्रियों से 4,68,556 अधिक है। आंकड़े बताते हैं कि मौसम की चुनौतियों के बावजूद बदरीनाथ और केदारनाथ समेत सभी प्रमुख धामों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है।
बदरीनाथ सबसे आगे, केदारनाथ में भी बड़ी संख्या
10 अगस्त तक मिले आंकड़ों के मुताबिक बदरीनाथ धाम में सबसे अधिक 16,12,112 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। केदारनाथ में 14,50,116, गंगोत्री में 7,37,629 और यमुनोत्री में 6,62,347 यात्रियों ने दर्शन किए हैं।
चारधाम के अलावा हेमकुंट साहिब में भी 2,40,499 श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं।
मौसम खराब, फिर भी 15 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे
सोमवार को मौसम की चुनौती के बीच भी तीर्थयात्रियों का उत्साह कम नहीं हुआ। एक ही दिन में 15,376 श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए।
इस दौरान बदरीनाथ में 9,559, केदारनाथ में 4,170, गंगोत्री में 1,204 और यमुनोत्री में 443 श्रद्धालु पहुंचे।
बदरीनाथ में पिछले साल से 3.50 लाख ज्यादा यात्री
बदरीनाथ धाम इस यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में सबसे आगे बना हुआ है। 10 अगस्त तक यहां 16.12 लाख से अधिक यात्री दर्शन कर चुके हैं।
पिछले वर्ष समान यात्रा अवधि के मुकाबले इस बार बदरीनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 3.50 लाख की बढ़ोतरी हुई है।
सरकार ने बढ़ाई निगरानी, संवेदनशील इलाकों पर नजर
मानसून के दौरान यात्रा संचालन को लेकर प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरती है। भूस्खलन संभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के साथ यात्रियों की मदद के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। यात्रा मार्गों और पड़ावों पर स्थिति के अनुसार यात्रियों को रोकने और सुरक्षित स्थानों पर ठहराने की व्यवस्था भी की जा रही है।
राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र को लगातार अलर्ट रखा गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद आपदा कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रदेश की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
सीएम धामी की अपील—मौसम देखकर ही करें यात्रा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार के लिए चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। मानसून की सक्रियता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि मौसम खराब होने पर यात्रा में जल्दबाजी न करें और यात्रा शुरू करने से पहले मौसम तथा सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें। भूस्खलन या अन्य आपदा की स्थिति में प्रशासन द्वारा यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने की व्यवस्था की जा रही है।
आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि मौसम की चुनौतियों के बावजूद चारधाम में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह लगातार बढ़ रहा है।
