हर्रावाला से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ विशेष ट्रेन रवाना, CM धामी ने दिखाई हरी झंडी

 

 

 

देहरादून: मुख्यमंत्री धामी ने सोमवार को देहरादून के हर्रावाला रेलवे स्टेशन से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत वेरावल (सोमनाथ) के लिए विशेष रेल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय स्वाभिमान और सनातन परंपराओं से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छह दिवसीय इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 700 श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। इनमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं, विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी, संत समाज और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

‘सोमनाथ भारत की अटूट आस्था का प्रतीक’

मुख्यमंत्री ने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल सोमनाथ मंदिर भारत की आस्था, आत्मसम्मान और पुनर्जागरण का प्रतीक है। अनेक आक्रमणों के बावजूद बार-बार पुनर्निर्मित हुआ यह मंदिर दुनिया को यह संदेश देता है कि भारत हर चुनौती के बाद और अधिक मजबूती के साथ खड़ा होता है।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दौर

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और पुनरुद्धार का नया दौर शुरू हुआ है। अयोध्या, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ, महाकाल और सोमनाथ जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों का विकास भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा दे रहा है।

देवभूमि को आध्यात्मिक राजधानी बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार देवभूमि को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। केदारखंड और मानसखंड के मंदिरों के विकास, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर और यमुनातीर्थ पुनरुद्धार जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।

सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC), धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने जैसे कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये प्रयास उत्तराखंड की मूल संस्कृति और पहचान को मजबूत करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

श्रद्धालुओं से किया विशेष आग्रह

मुख्यमंत्री ने यात्रा पर रवाना हुए श्रद्धालुओं से अपील की कि वे जहां भी जाएं, वहां देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा का परिचय दें। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल सोमनाथ के दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करने का भी अवसर है।

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