देहरादून: विश्वविख्यात निशानेबाज और द्रोणाचार्य सम्मानित कोच दिवंगत जसपाल राणा के परिवार पर रविवार को दुखों का एक और पहाड़ टूट पड़ा। जसपाल राणा के निधन के महज 16 दिन बाद उनकी मां श्यामा राणा का भी कैंसर से लंबी जंग के बाद दिल्ली के आरआर अस्पताल में निधन हो गया। संयोग यह रहा कि जिस दिन पूरा खेल जगत जसपाल राणा के जन्मदिन पर उन्हें याद कर रहा था, उसी दिन उनकी मां ने भी अंतिम सांस ली।
श्यामा राणा लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थीं और पिछले कई दिनों से दिल्ली स्थित आरआर अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। रविवार शाम उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर से उत्तराखंड, खेल जगत और राणा परिवार के शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त है।
गौरतलब है कि जसपाल राणा का 12 जून 2026 को आकस्मिक निधन हो गया था। म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से लौटते समय विमान में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। दिल्ली पहुंचने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्हें बचाया नहीं जा सका।
परिवार ने श्यामा राणा की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें बेटे जसपाल राणा के निधन की जानकारी नहीं दी थी। अंतिम समय तक वह अपने बेटे को देखने की इच्छा व्यक्त करती रहीं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं चल पाया कि उनका बेटा उनसे पहले इस दुनिया को अलविदा कह चुका है।
इस घटना को और भी भावुक बना देने वाला संयोग यह रहा कि 28 जून 1976 को शाम लगभग आठ बजे उत्तरकाशी में जसपाल राणा का जन्म हुआ था और ठीक 50 वर्ष बाद, 28 जून 2026 की शाम लगभग उसी समय उनकी मां श्यामा राणा ने अंतिम सांस ली। जिस दिन हर वर्ष राणा परिवार जन्मदिन का उत्सव मनाता था, वही दिन इस बार गहरे मातम में बदल गया।
जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा ने बताया कि बेटे के बाद अब पत्नी को खोने का दुख पूरे परिवार के लिए असहनीय है। राणा परिवार के करीबी मित्र मयंक मारवाह के अनुसार, श्यामा राणा के निधन की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और करीबी मित्र दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
जसपाल राणा की शानदार खेल यात्रा के पीछे उनकी मां श्यामा राणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने हर कठिन परिस्थिति में बेटे का मनोबल बढ़ाया और उसके सपनों को साकार करने में परिवार की मजबूत आधारशिला बनी रहीं। खेल जगत और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने श्यामा राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।

