देहरादून: उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कुछ जिलों की धीमी कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। बुधवार को सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने देहरादून, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों को गणना फार्म वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के शुद्धीकरण और अद्यतन प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंचना आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर देते हुए कहा कि आवासीय कॉलोनियों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार को और प्रभावी बनाया जाए।
बैठक में अभियान की प्रगति का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तीसरे दिन तक प्रदेश में लगभग 19 लाख मतदाताओं को गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं। यह कुल मतदाताओं का करीब 24 प्रतिशत हिस्सा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों की सराहना भी की। गणना फार्म वितरण में सबसे बेहतर प्रगति दर्ज करने वाले चंपावत, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों को उन्होंने अन्य जिलों के लिए उदाहरण बताते हुए उनकी कार्यशैली की प्रशंसा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ), आईटी वॉलंटियर्स और बूथ अवेयरनेस ग्रुप की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक मतदाताओं तक अभियान की जानकारी पहुंचे और फार्म वितरण का कार्य निर्धारित समय में पूरा किया जा सके।
डॉ. पुरुषोत्तम ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि अभियान की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया, ताकि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।
समीक्षा बैठक में निर्वाचन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश के सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और अपने-अपने जिलों में अभियान की प्रगति की जानकारी साझा की।
