देहरादून: विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान कुछ लोग सोशल मीडिया पर रील बनाकर इसे राजनीति का विषय बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार या बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) का विरोध अलग बात है, लेकिन चारधाम यात्रा जैसी पवित्र आस्था का विरोध नहीं होना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं और प्रदेशवासियों से अपील की कि यात्रा के प्रति नकारात्मक माहौल न बनाया जाए, बल्कि इसे प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम भगवान शिव का पावन धाम है और सरकार यात्रा को सुरक्षित व व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ भी है और हजारों लोगों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है।
“गैस संकट की बात गलत, प्रदेश में पर्याप्त आपूर्ति”
गैस की कमी को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री धामी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रदेश में किसी प्रकार का गैस संकट नहीं है। उन्होंने बताया कि हाल ही में उनकी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री से इस विषय पर चर्चा हुई है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर पड़ रहा है, लेकिन भारत मजबूत नेतृत्व में इस चुनौती का सामना कर रहा है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद देश में स्थिरता बनी हुई है।
उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि COVID-19 के समय भी भारत ने न केवल खुद स्थिति को संभाला, बल्कि दुनिया के कई देशों को वैक्सीन देकर मदद भी की थी।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा को सफल बनाने के लिए सरकार और जनता दोनों को मिलकर सकारात्मक वातावरण बनाना होगा, तभी प्रदेश की आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों मजबूत होंगी।