1 मई से शुरू होगी आदि कैलास–ओम पर्वत यात्रा, 28 अप्रैल से मिलेंगे परमिट—प्रशासन ने कसी कमर

 

 

 

 

पिथौरागढ़: आस्था और रोमांच से जुड़ी आदि कैलास और ओम पर्वत दर्शन यात्रा 1 मई से शुरू होने जा रही है। यात्रा का शुभारंभ ज्योलिंगकांग स्थित शिव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ होगा। श्रद्धालुओं के लिए इनर लाइन परमिट 28 अप्रैल से जारी किए जाएंगे।

जिलाधिकारी आशीष भटगाई ने यात्रा तैयारियों को लेकर अधिकारियों, होटल व्यवसायियों और भारत-चीन व्यापारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सड़क मार्ग की सभी बाधाएं दूर की जाएं और सुरक्षा के लिए क्रैश बैरियर लगाए जाएं।

यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए धारचूला और गुंजी में स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की जाएगी, जबकि यात्रा मार्ग पर एंबुलेंस भी तैनात रहेंगी। प्रशासन ने Indo-Tibetan Border Police से हर चेकपोस्ट पर मेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए गुंजी में अस्थायी शौचालय बनाए जाएंगे। साथ ही संचार, जल और विद्युत विभाग को सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। परमिट प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगी और परमिट धारचूला उपजिलाधिकारी कार्यालय से जारी किए जाएंगे।

भारत-चीन व्यापार की तैयारियां भी तेज

प्रशासन ने 1 जून से शुरू होने वाले भारत-चीन व्यापार को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी है। व्यापारियों ने बैठक में नई चुनौतियों को रखते हुए चीन की नई मंडी तकलाकोट में शेड और गोदाम रियायती दरों पर उपलब्ध कराने की मांग उठाई।

इसके अलावा, व्यापारियों ने गुंजी में क्वारनटाइन सेंटर, ट्रेड और कस्टम कार्यालय खोलने, व्यापार अवधि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 नवंबर करने और बर्फबारी के दौरान सड़क मार्ग शीघ्र खोलने की मांग भी रखी।

बैठक में भारत-चीन व्यापार समिति के सचिव दौलत सिंह रायपा और रतन सिंह रायपा सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।



आदि कैलास-ओम पर्वत यात्रा और सीमावर्ती व्यापार को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है, ताकि श्रद्धालुओं और व्यापारियों दोनों को सुरक्षित और सुगम व्यवस्था मिल सके।

 
(Visited 2,307 times, 1 visits today)