पश्चिम एशिया में जंग की आंच तेज: ईरान–इजरायल टकराव में कई देश कूदे, ‘World War 3’ की आशंका पर बहस

 

 

 

TMP: पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव तेजी से बहु-देशीय संघर्ष में बदलता दिख रहा है। एक ओर ईरान नए मिसाइल हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई कर रहा है और कतर, यूएई, बहरीन व सऊदी अरब में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के आरोप लग रहे हैं, वहीं इजरायल तेहरान के सरकारी ठिकानों पर हमले तेज कर रहा है। हालात इतने तनावपूर्ण हो चुके हैं कि सोशल मीडिया पर “World War 3” ट्रेंड करने लगा है।

फ्रांस की एंट्री से बढ़ा तनाव

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने बताया कि अबू धाबी के पास अल-धाफरा एयरबेस पर फ्रांस ने नौसेना, वायुसेना और थलसेना के सैकड़ों जवानों की तैनाती की है। ईरानी हमलों को रोकने के लिए राफेल फाइटर जेट भी भेजे गए हैं।

हालांकि फ्रांस ने सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होने की घोषणा नहीं की है, लेकिन यह संकेत जरूर दिया गया है कि वह अपने रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा।

इसी बीच फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने लेबनान स्थित संगठन Hezbollah को चेतावनी देते हुए कहा कि इजरायल पर हमला कर उसने लेबनान के नागरिकों को गंभीर खतरे में डाल दिया है। उन्होंने लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करने की अपील भी की।

लेबनान में बढ़ता नुकसान

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमलों में अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 335 से अधिक घायल हैं। राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों में भी हमले हुए, जिनमें कम से कम छह लोगों की जान गई।

दूसरी ओर, हिजबुल्लाह भी इजरायल के कई शहरों पर मिसाइल हमलों का दावा कर रहा है। इजरायल में हुए नुकसान और संभावित हताहतों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।

ईरान में भारी जनहानि, बच्चों की मौत से आक्रोश

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, चार दिनों की लड़ाई में लगभग 800 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें दक्षिणी शहर मीनाब के एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में मारे गए 181 बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। इन बच्चों को मंगलवार को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। ईरान के सरकारी टीवी पर प्रसारित अंतिम संस्कार में हजारों लोग सड़कों पर नजर आए।

क्या तीसरे विश्व युद्ध की आहट?

कई देशों की बढ़ती सैन्य भागीदारी और क्षेत्रीय गठबंधनों की सक्रियता ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जमीनी हमला या प्रत्यक्ष महाशक्ति टकराव हुआ, तो स्थिति और भयावह हो सकती है।

फिलहाल दुनिया की नजरें पश्चिम एशिया पर टिकी हैं—जहां हर नया हमला इस आशंका को और गहरा कर रहा है कि यह संघर्ष सीमित नहीं रहेगा।

(Visited 906 times, 58 visits today)