देहरादून: International Union for Conservation of Nature (IUCN) के तत्वावधान में 23 से 27 फरवरी 2026 तक देहरादून में पांच दिवसीय BRIDGE ग्लोबल थीमैटिक बैठक का सफल आयोजन किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय बैठक में एशिया, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका एवं यूरोप से आए लगभग 18–20 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
बैठक के दौरान नदी बेसिन प्रबंधन, एकीकृत जलागम प्रबंधन (IWRM) तथा Nature-based Solutions के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई और भावी रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
सचिव जलागम से शिष्टाचार भेंट, प्राकृतिक जलस्रोत संरक्षण पर जोर
IUCN के 18 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय में सचिव जलागम दिलीप जावलकर से शिष्टाचार भेंट की।
सचिव जलागम ने उत्तराखण्ड में पलायन, जलवायु परिवर्तन, कृषि पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव तथा मृदा अपरदन को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण हेतु समेकित एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर IUCN प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्राकृतिक जलस्रोत संरक्षण एवं स्प्रिंग-रीचार्ज मॉडल पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।
वेटलैंड और स्प्रिंग पुनर्जीवन पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग
IUCN की क्षेत्रीय समन्वयक मिलिंद गुप्ता ने उत्तराखण्ड के वेटलैंड्स की वर्तमान स्थिति एवं संरक्षण उपायों की जानकारी प्राप्त की।
वहीं, प्रतिनिधिमंडल सदस्य जान डाल्ट्न ने प्राकृतिक स्रोत (Natural Springs) के पुनर्जीवन क्षेत्र में तकनीकी सहयोग प्रदान करने तथा भविष्य में पुनः उत्तराखण्ड आगमन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
गंगा बेसिन की पारिस्थितिक स्थिरता की दिशा में अहम पहल
यह अंतरराष्ट्रीय संवाद उत्तराखण्ड में संचालित स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन पहलों को वैश्विक मंच पर साझा करने के साथ-साथ गंगा बेसिन की दीर्घकालिक पारिस्थितिक स्थिरता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर अपर सचिव जलागम हिमांशु खुराना, अपर सचिव पेयजल अपूर्वा पांडेय, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी SARRA कहकशां नसीम, डॉ. डी.एस. रावत (उप-निदेशक, SARRA), SARRA टीम, वन विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
