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नीट-पीजी पारदर्शिता पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, प्रश्नपत्र और आंसर-की न देने की नीति की होगी विस्तृत जांच

 

 

 



नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने नीट-पीजी-2025 परीक्षा में प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी सार्वजनिक न किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर विस्तृत सुनवाई करने पर सहमति जताई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस नीति के पीछे दिए जा रहे औचित्य से वह पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।

जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने मंगलवार को राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीई) की उस नीति पर सवाल उठाए, जिसके तहत नीट-पीजी के प्रश्नपत्र और आंसर-की सार्वजनिक नहीं किए जाते। पीठ ने कहा, “हम इस मामले की विस्तृत सुनवाई करेंगे। हमें इसके लिए ठोस औचित्य की आवश्यकता है।”

सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड ने हलफनामे में कहा कि प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी सार्वजनिक न करने का उद्देश्य कोचिंग उद्योग से इस “दुर्लभ राष्ट्रीय संपत्ति” की सुरक्षा करना और इसके दुरुपयोग व शोषण को रोकना है।

वहीं, याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि मौजूदा व्यवस्था में अभ्यर्थियों को यह स्पष्ट रूप से देखने का अवसर नहीं मिलता कि उन्होंने वास्तव में किन प्रश्नों का प्रयास किया, क्योंकि अलग-अलग उम्मीदवारों को अलग-अलग प्रश्न सेट दिए जाते हैं। इससे पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले में नीति की वैधता और पारदर्शिता के पहलुओं पर विस्तार से विचार करेगा।

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