विदेशी फंडिंग और माओवाद कनेक्शन की जांच तेज: अमेरिकी ईसाई संगठन समेत 7 के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज

 

 

 

बेंगलुरु: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत के आधार पर बेंगलुरु पुलिस ने अमेरिका स्थित एक ईसाई संगठन सहित सात लोगों के खिलाफ गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि विदेशी डेबिट कार्डों के नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये की विदेशी धनराशि भारत में अवैध रूप से निकाली और उपयोग की गई, जिससे वित्तीय नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

पुलिस द्वारा 11 जून को दर्ज प्राथमिकी में जोनाथन एस. राजन, मीका मार्क, अजीत वर्गीस मथाई, वर्गीस चाको, बबलू कुर्मी, सुप्रीम जाय और अमेरिका स्थित संगठन द टिमोथी इनिशिएटिव (टीटीआई) को नामजद किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने विदेशी बैंक द्वारा जारी डेबिट कार्डों का इस्तेमाल कर देशभर में विदेशी फंड की निकासी और उपयोग का संगठित नेटवर्क तैयार किया।

जांच एजेंसियों के अनुसार नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 92.55 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग किया गया, जिसे विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के प्रावधानों का उल्लंघन माना जा रहा है।

मामले में महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब 18 अप्रैल को बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीका मार्क को हिरासत में लिया गया। उसके पास से 24 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद किए गए। जांच में यह भी सामने आया है कि देशभर में ऐसे एक हजार से अधिक कार्ड वितरित किए गए हो सकते हैं, जिनका उपयोग विदेशी धनराशि की निकासी के लिए किया गया।

एजेंसियों की जांच में छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित इलाकों में भी संदिग्ध लेन-देन और नकद निकासी के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार धमतरी, बस्तर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों से पिछले कुछ वर्षों में लगभग 6.34 करोड़ रुपये की निकासी का अनुमान लगाया गया है।

जांचकर्ताओं का मानना है कि विदेशी डेबिट कार्डों के माध्यम से बड़े पैमाने पर नकद निकासी किसी संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती है। आरोप है कि निकाली गई राशि का एक हिस्सा माओवाद प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया गया, जिसकी अब विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियां गहन जांच कर रही हैं।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय स्रोत, लाभार्थियों तथा संभावित सुरक्षा संबंधी प्रभावों की पड़ताल कर रही हैं।

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