देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बुधवार को देहरादून जनपद स्थित स्किल हब सहसपुर का दौरा कर वहां संचालित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और विदेश रोजगार से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनके अनुभव और भविष्य की योजनाओं की जानकारी भी ली।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में क्षमता से कम प्रशिक्षणार्थियों के नामांकन पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक माह के भीतर केंद्र को पूर्ण क्षमता से संचालित किया जाए।
आईटीआई छात्रों के लिए अनिवार्य होगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भ्रमण
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के विद्यार्थियों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भ्रमण कराया जाए ताकि उन्हें आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और करियर संभावनाओं से जोड़ा जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यहां चल रहे उन्नत तकनीकी पाठ्यक्रमों को आईटीआई के नियमित पाठ्यक्रमों से जोड़ा जाए।
विदेशी भाषा के साथ संस्कृति और कार्यशैली भी पढ़ाई जाएगी
मुख्य सचिव ने कहा कि विदेश रोजगार के लिए केवल भाषा ज्ञान पर्याप्त नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षणार्थियों को संबंधित देशों की कार्य संस्कृति, जीवनशैली और व्यवहारिक तौर-तरीकों की भी जानकारी दी जाए ताकि विदेश में काम करने में उन्हें कोई कठिनाई न हो।
जापान और जर्मनी के लिए हो रही है युवाओं की तैयारी
कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के निदेशक संजय कुमार ने बताया कि स्किल हब सहसपुर राज्य के युवाओं को देश और विदेश में रोजगार से जोड़ने का प्रमुख केंद्र बन रहा है। यहां आईटीआई पास युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ जापानी और जर्मन भाषा का आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
वर्तमान में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के माध्यम से नर्सिंग, केयर गिवर और आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) क्षेत्र में युवाओं को जापान और जर्मनी भेजने की प्रक्रिया चल रही है। इन युवाओं को डोमेन आधारित प्रशिक्षण राज्य के नर्सिंग कॉलेजों और होटल मैनेजमेंट संस्थानों द्वारा दिया जा रहा है।
युवाओं से संवाद, भविष्य के लिए दी शुभकामनाएं
मुख्य सचिव ने प्रशिक्षणार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी प्रगति जानी और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सविन बंसल, संयुक्त निदेशक अनिल सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

