हरिद्वार: अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच के फैसले के बाद अभिनेत्री उर्मिला सनावर पहली बार खुलकर सामने आई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्णय को न्याय की दिशा में निर्णायक कदम बताते हुए कहा कि अब इस मामले की हर परत सामने आनी चाहिए।
उर्मिला ने कहा कि केवल कुछ ऑडियो क्लिप्स के आधार पर सीधे सीबीआई को सौंपना सही नहीं होता। पहले एसआईटी से गहराई से जांच करवाई गई, उसके बाद सीबीआई जांच का रास्ता खोला गया, जो एक जिम्मेदार प्रशासन की पहचान है। उनके मुताबिक इस फैसले से उन्हें मानसिक संतोष मिला है।
वीडियो संदेश में उर्मिला ने कहा कि उन्होंने खुद को उत्तराखंड की बेटी की तरह इस लड़ाई से जोड़ा और अंकिता के लिए आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि लोगों का उनसे भावनात्मक जुड़ाव इस बात का प्रमाण है कि समाज अब अन्याय के खिलाफ चुप नहीं रहना चाहता।
उर्मिला ने यह भी कहा कि वह पहले मुंबई में रहती थीं और इस मामले से उनका कोई निजी जुड़ाव नहीं था, लेकिन जिस तरह अंकिता के लिए न्याय की मांग उठी, वह एक आत्मिक पुकार जैसी थी। उन्होंने भगवान महादेव पर भरोसा जताते हुए कहा कि सच्चाई जरूर सामने आएगी।
जांच में उठे नए सवाल
उर्मिला के अनुसार, एसआईटी ने उनसे लंबी पूछताछ की और उन्होंने पूरा सहयोग दिया। इस प्रक्रिया के बाद सरकार को यह अहसास हुआ कि कुछ अहम कड़ियां अब भी अधूरी हैं।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि घटना के बाद रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाने का फैसला किसके कहने पर हुआ और इसके पीछे क्या वजह थी।
उर्मिला ने दावा किया कि कुछ कॉल रिकॉर्डिंग और बातचीत सामने आने के बाद यह महसूस हुआ कि कई पहलुओं की दोबारा निष्पक्ष जांच जरूरी है। इसी के चलते सीबीआई जांच का फैसला लिया गया।
उन्होंने अंत में कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगी ताकि अंकिता को न्याय मिल सके और सच्चाई देश के सामने आ सके।
