देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और तथ्यहीन आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने बुधवार को उत्तराखंड के सभी 304 मंडलों में एक साथ विरोध प्रदर्शन किया। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की राजनीति को जनता को गुमराह करने वाला बताया।
प्रदेश अध्यक्ष रुचि चौहान भट्ट ने कहा कि एक जघन्य और संवेदनशील अपराध को भी कांग्रेस ने राजनीतिक हथियार बना लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास न तो प्रदेश के विकास को लेकर कोई स्पष्ट सोच है और न ही जनहित का कोई ठोस एजेंडा, इसलिए वह भावनात्मक मुद्दों को भुनाने का प्रयास कर रही है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि साढ़े तीन साल तक चुप्पी साधे रखने के बाद, जैसे-जैसे 2027 के विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं, कांग्रेस फिर से इस मामले को उछालकर अपनी खोई हुई सियासी जमीन तलाशने में जुट गई है। यह उसकी हताशा और दिशाहीन राजनीति को दर्शाता है।
रुचि चौहान भट्ट ने स्पष्ट किया कि एसआईटी जांच से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने पहले ही यह स्थिति साफ कर दी है कि मामले में किसी भी तरह की वीआईपी संलिप्तता नहीं पाई गई। उन्होंने कहा कि धामी सरकार ने घटना के तुरंत बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपियों को जेल भेजा, एसआईटी गठित की और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की।
उन्होंने बताया कि 500 पन्नों की चार्जशीट और 100 से अधिक गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सरकार ने पीड़ित परिवार की हर स्तर पर सहायता की और परिवार की मांग पर तीन बार सरकारी वकील बदले गए, जिससे मजबूत पैरवी संभव हो सकी। इसी का परिणाम है कि आरोपियों को आज तक जमानत तक नहीं मिल पाई।
प्रदेशभर में हुए प्रदर्शनों के दौरान महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कांग्रेस पर झूठ और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। महिला मोर्चा का कहना है कि जब न्यायालय अपना फैसला सुना चुका है, तब भी इस मामले को चुनावी मुद्दा बनाना कांग्रेस की राजनीतिक अवसरवादिता को उजागर करता है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा कांग्रेस की इस राजनीति का हर स्तर पर विरोध करता रहेगा और प्रदेश की जनता के समक्ष तथ्यों और सच्चाई को मजबूती से रखता रहेगा।

