हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, गौलापार में एशियाई कैडेट कप फेंसिंग प्रतियोगिता का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। यह पहली बार है जब इस अंतरराष्ट्रीय फेंसिंग प्रतियोगिता की मेजबानी उत्तराखंड को मिली है।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच से युवा न केवल खेलों में नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बनेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों के प्रोत्साहन के लिए “मुख्यमंत्री खेल विकास निधि”, “मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना”, “खेल किट योजना” और खेल कोटे को पुनः लागू करने जैसे कदम उठा रही है। साथ ही, उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए “उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार” और “हिमालय खेल रत्न पुरस्कार” भी दिए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली बार खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है। साथ ही, “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” के तहत आठ शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 517 करोड़ की लागत से राज्य में विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित की जा रही है, जिससे उत्तराखंड राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति और फिटनेस के प्रति सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में फेंसिंग भी तीरंदाजी, शूटिंग और जैवलिन की तरह भारत का परचम वैश्विक स्तर पर लहराएगी।
एशियाई फेंसिंग परिसंघ द्वारा आयोजित इस पांच दिवसीय प्रतियोगिता में भारत सहित तजाकिस्तान, सीरिया, मलेशिया, श्रीलंका, थाईलैंड और इंडोनेशिया के 250 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। भारत से करीब 150 खिलाड़ी विभिन्न वर्गों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। प्रतियोगिता 23 सितंबर तक चलेगी।
इस अवसर पर विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, प्रमोद नैनवाल, उत्तरांचल ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेश नेगी, जिलाधिकारी वंदना, एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे।
