वीर बाल दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने गुरुद्वारा में टेका माथा, साहिबजादों के बलिदान को किया नमन

 

 

 

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को वीर बाल दिवस के अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, आढ़त बाजार, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारे में माथा टेककर गुरु साहिब का आशीर्वाद लिया, लंगर ग्रहण किया और संगत के साथ पवित्र अरदास कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

वीर बाल दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी तथा उनके चारों साहिबजादों—बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह—को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों का जीवन त्याग, शौर्य, धर्मरक्षा और देशभक्ति का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने भारत के स्वाभिमान की रक्षा के लिए हँसते-हँसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारों साहिबजादों का बलिदान न केवल भारतीय इतिहास बल्कि विश्व इतिहास में भी अद्वितीय साहस और वीरता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि नन्हें साहिबजादों ने धर्म परिवर्तन स्वीकार करने के बजाय मृत्यु को स्वीकार किया और यह सिद्ध कर दिया कि स्वधर्म, संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए उम्र कोई बाधा नहीं होती। उन्होंने कहा कि यह अमर बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पहली बार वीर साहिबजादों को उनका वास्तविक सम्मान दिया है। 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित कर पूरे राष्ट्र को सिखों के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश अपने गौरवशाली अतीत को संजोने के साथ-साथ वीर बलिदानियों के सपनों का भारत गढ़ने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अभिभावकों और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को वीर साहिबजादों की गाथा अवश्य सुनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं पर गर्व कर सकें।

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