देहरादून: भाजपा ने कांग्रेस नेताओं की हालिया बयानबाजी—जिसमें कारतूस, जहर और ब्लैकमेलर जैसे शब्दों का इस्तेमाल हुआ—को कांग्रेस के भीतर चल रही वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा बताया है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कहा कि जब जिम्मेदारियाँ समय से पहले बांट दी जाएं, तो संगठन में ऐसी ही स्थिति पैदा होती है।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में चमोली ने कांग्रेस की शब्दावलियों को दुर्भाग्यपूर्ण और आपस की गहरी फूट का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि
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“कोई नेता दूसरे को फ्यूज्ड कारतूस बता रहा है,”
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“कोई कारतूस के खोखे से काम लेने की बात कर रहा है,”
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“कोई कार्यकर्ताओं से जहर निकालने की बात कर रहा है,”
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“और कोई राजनीतिक ब्लैकमेलरों से बचने की सलाह दे रहा है।”
उन्होंने कहा कि चुनाव संचालन और प्रचार समिति प्रमुखों की जल्दबाजी में की गई घोषणाओं का उद्देश्य भले ही गुटबाजी को रोकना रहा हो, लेकिन इससे उल्टा असर हुआ है। विधानसभा चुनाव में अभी समय है, और बिना कार्यभार के बैठे पदाधिकारी एक-दूसरे को निशाना बना रहे हैं।
चमोली ने दावा किया कि कांग्रेस में वर्चस्व संघर्ष अभी शुरुआत है। हरक सिंह रावत और हरीश रावत के बीच शक्ति संघर्ष खुलकर सामने आने की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि “जैसे-जैसे यह लड़ाई चरम पर पहुंचेगी, कांग्रेस का संगठन संभालना भी मुश्किल होगा। जो पार्टी खुद को नहीं संभाल सकती, वह प्रदेश को क्या संभालेगी?”
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रभावी ढंग से लड़ना और जनता का विश्वास जीतना लगभग असंभव है।

