देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य में डीरेगुलेशन (विनियमन मुक्ति) की प्रक्रियाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग अपने-अपने प्राथमिक क्षेत्रों में डीरेगुलेशन से जुड़े आवश्यक कदम तत्काल प्रभाव से उठाएँ।
उन्होंने कहा कि जिन बिंदुओं पर विभागीय स्तर पर डीरेगुलेशन की कार्रवाई पूर्ण की जा सकती है, उनकी नोटिफिकेशन जारी की जाए। वहीं जिन प्रकरणों में कैबिनेट संशोधन आवश्यक है, उनके विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत किए जाएँ। भारत सरकार को भेजे जाने वाले विवरण भी निर्धारित समय में प्रेषित किए जाएँ।
मुख्य सचिव ने डीरेगुलेशन प्रक्रिया में लंबित मामलों पर विशेष चिंता जताते हुए अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि राज्य में उद्योग, व्यापार और निवेश को और अधिक बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने कहा कि डीरेगुलेशन का मुख्य उद्देश्य सरकारी नियमों और नियंत्रणों को न्यूनतम करना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना तथा निवेशकों को सुगमता प्रदान करना है। इसी दिशा में सिंगल विंडो सिस्टम जैसी पहलें प्रतिस्पर्धा, दक्षता और नवाचार को प्रोत्साहित कर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव विनीत कुमार, सौरभ गहरवार, अपूर्वा पांडेय सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
