हरिद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद हरिद्वार के बुग्गावाला क्षेत्र में एमबी फूड्स द्वारा विकसित ‘मशरूम ग्राम’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने इसे किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
मुख्यमंत्री ने एमबी फूड्स की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन कम भूमि, कम पानी और कम समय में अधिक लाभ देने वाला कृषि उद्यम है। इससे किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ‘मशरूम ग्राम’ परियोजना से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। स्वयं सहायता समूहों को भी इससे आर्थिक मजबूती प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह मॉडल राज्य के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा और कृषि आधारित उद्यमिता को नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प की ओर तेज़ी से अग्रसर है। किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर में 11 करोड़ किसानों को लाभ मिल रहा है, जिनमें उत्तराखंड के लगभग 9 लाख किसान शामिल हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान मानधन योजना, मिलेट मिशन, बागवानी विकास मिशन, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, बूंद-बूंद सिंचाई योजना और डिजिटल कृषि मिशन किसानों को सशक्त बना रहे हैं। इस वर्ष के बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा तीन लाख से बढ़ाकर पाँच लाख रुपये किया जाना किसानों के हित में एक ऐतिहासिक कदम है।
राज्य सरकार की पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, तीन लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण और नहरों से निःशुल्क सिंचाई की सुविधा दी जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत अब तक लगभग 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं खरीद पर प्रति क्विंटल 20 रुपये का बोनस, गन्ने के दामों में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि, नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी योजनाएं कृषि और बागवानी क्षेत्र को नई गति दे रही हैं। ‘महक क्रांति’ के माध्यम से सुगंध फसलों की खेती को बढ़ावा देकर हजारों किसानों को सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए उत्तराखंड के स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से उत्तराखंड कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने बुग्गावाला और हरिद्वार क्षेत्र के नागरिकों से सरकार के प्रयासों में सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही देवभूमि उत्तराखंड को कृषि सहित सभी क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है।
