देहरादून: उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय परिसर का व्यापक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने सचिवालय की सफाई व्यवस्था का भी बारीकी से अवलोकन किया ताकि कार्यालयीन कार्य प्रणाली और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता व व्यवस्था बनी रहे।
मुख्य सचिव ने निरीक्षण के दौरान फाइलों के वीडिंग (weed out) प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि पुराने और अप्रासंगिक फाइलों की छंटनी नियमों के अनुसार अनिवार्य रूप से एक माह के भीतर पूरी कर दी जाए। इसके लिए वीडिंग प्रक्रिया के नियम सभी अनुभागों में पुनः प्रसारित किए जाएंगे, ताकि यह कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके। साथ ही, उन्होंने सचिवालय प्रशासन को निर्देश दिया कि शीघ्र ही एक उचित रिकॉर्ड रूम के लिए स्थान चिन्हित किया जाए, जहाँ आवश्यक फाइलों को व्यवस्थित रूप से रखा जा सके।
मुख्य सचिव ने उन अनुभागों पर भी चिंता व्यक्त की, जिनमें विभिन्न अनुभाग एक ही कक्ष में संचालित हो रहे थे। उन्होंने तात्कालिक समाधान के तहत पोटा केबिन भवन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि 10-12 अनुभागों को शीघ्रता से स्थानांतरित किया जा सके और कार्य वातावरण सुगठित बन सके।
साथ ही, उन्होंने सचिवालय परिसर में अनुभागों के नियमित निरीक्षण के लिए रोस्टर पुनः प्रसारित करने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने-अपने अनुभाग का निरीक्षण अनिवार्य रूप से संपन्न करें। इसके अतिरिक्त, सभी भवनों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए, जिससे कि सचिवालय में कार्यरत कर्मचारियों और जनता को सुविधाजनक कार्य वातावरण प्राप्त हो सके।
इस निरीक्षण अवसर पर सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी भी मौजूद थे। सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा जारी इस जानकारी से यह स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड सरकार प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक हितोन्मुख बनाना चाहती है।
