उत्तराखण्ड में आपदा समीक्षा दौरा: एनडीएमए ने सुरक्षित विकास व पुनर्निर्माण के लिए दिए निर्देश

 

 

 

देहरादून: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के विभागाध्यक्ष एवं सदस्य राजेंद्र सिंह ने आज उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) का दौरा कर राज्य में हाल ही में मानसून के कारण हुई व्यापक क्षति का गहन मूल्यांकन किया।

उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की सराहना की और कहा कि प्रभावित लोगों को 24 से 72 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराना प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का प्रमाण है।

साथ ही, उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए:

  • पीडीएनए (Post Disaster Needs Assessment) का महत्व बताया ताकि वास्तविक क्षति का वैज्ञानिक मूल्यांकन हो और केंद्र द्वारा अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जा सके।

  • आईएमसीटी (Inter Ministerial Central Team) के दौरे एवं अनुभवों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण करने का निर्देश देकर भविष्य की नीतियों, प्रशिक्षण व तकनीकी सुधार में उपयोग सुनिश्चित करने की बात कही।

  • नदी किनारे बसे कस्बों की मैपिंग व रिस्क असेसमेंट पर जोर दिया ताकि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान हो और समय रहते सुरक्षात्मक कदम उठाए जा सकें।

  • आपदा के कारण स्थानीय लोगों का पलायन रोकने के लिए व्यापक कार्ययोजना विकसित करने की आवश्यकता बताई, जिससे सामरिक, सामाजिक व आर्थिक दृष्टि से राज्य सुरक्षित बना रहे।

  • शोध संस्थानों के अनुभव और तकनीकी संसाधनों का समन्वय करके आपदा पूर्व तैयारी को मजबूत बनाने की सलाह दी।

विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्र को सुरक्षित बनाने पर बल देते हुए राजेंद्र सिंह ने कहा कि चारधाम यात्रा व अन्य पर्यटन स्थलों को आपदा जोखिम मुक्त बनाना राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

इस दौरान सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव/अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप, डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीओ मो. ओबैदुल्लाह अंसारी सहित यूएसडीएमए के विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।

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