प्रधानमंत्री मोदी ने सरसंघचालक मोहन भागवत को 75वें जन्मदिन पर दी बधाई, उनके राष्ट्रसेवा जीवन को किया नमन

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नई दिल्ली: आज 11 सितंबर के विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने संघ परिवार के परम पूजनीय सरसंघचालक मोहन भागवत जी को उनके 75वें जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। प्रधानमंत्री ने भागवत जी के समर्पित राष्ट्रसेवा जीवन को याद करते हुए उन्हें देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।

PM मोदी ने यह विशेष रूप से उल्लेख किया कि मोहन भागवत जी ने भारतीय संस्कृति और विचारधारा की गहराई से रक्षा करते हुए समाज में समता, समरसता और बंधुत्व की भावना को सशक्त किया। इमरजेंसी काल जैसे कठिन समय में उन्होंने आपातकाल-विरोधी आंदोलन को मजबूती से आगे बढ़ाया और ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागृति के लिए अनथक कार्य किए। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि मोहन भागवत जी का नेतृत्व केवल संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक पवित्र विश्वास है। उनके नेतृत्व में संघ ने देशहित के कई महत्वपूर्ण नवाचार किए। गणवेश परिवर्तन, शिक्षा वर्गों में नवाचार, और कोरोना महामारी के दौरान स्वयंसेवकों के माध्यम से समाज सेवा को नए आयाम दिए गए। प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भागवत जी ने तकनीक का प्रयोग करते हुए समाज सेवा को अधिक प्रभावी बनाया।

प्रधानमंत्री ने मोहन भागवत जी के पंच परिवर्तन — स्वबोध, सामाजिक समरसता, नागरिक शिष्टाचार, कुटुंब प्रबोधन और पर्यावरण संरक्षण — की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह विचारधारा हर भारतीय के लिए राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा बनती है और समाज के हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की राह प्रशस्त करती है।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि मोहन भागवत जी मृदुभाषी और सुनने की अद्भुत क्षमता वाले व्यक्ति हैं, जो अपने व्यक्तित्व में संवेदनशीलता, गरिमा और दूरदर्शिता का अनूठा संगम प्रस्तुत करते हैं। वे ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के प्रबल पक्षधर हैं और देश की विविध संस्कृति, परंपरा, तथा अनेकता का उत्सव मनाने में उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं।

PM मोदी ने बताया कि हाल के वर्षों में देश में सफल जन-आंदोलन जैसे स्वच्छ भारत मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में भागवत जी ने संघ परिवार को प्रेरित किया और समाज सेवा को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण, सस्टेनेबल लाइफस्टाइल और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।

इस वर्ष संघ का शताब्दी वर्ष मनाए जाने का भी विशेष महत्व है। विजयादशमी, गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के साथ यह पर्व एक ऐतिहासिक संयोग बनकर सामने आया है। प्रधानमंत्री ने इसे देश और विश्वभर के लाखों स्वयंसेवकों के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

प्रधानमंत्री ने अंत में यह प्रार्थना की कि ईश्वर मोहन भागवत जी को उत्तम स्वास्थ्य, लंबी उम्र और अपार ऊर्जा प्रदान करें, ताकि वे निरंतर राष्ट्र निर्माण, समाज कल्याण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में अपने प्रेरणादायक योगदान को जारी रखें।

उन्होंने कहा, “मोहन भागवत जी की दूरदर्शिता, सरलता, संवेदनशीलता और कार्य के प्रति पूर्ण निष्ठा आज भी हर स्वयंसेवक को प्रेरित करती है। उनके नेतृत्व में संघ कार्य का विस्तार और नई दिशा मिल रही है। हमें गर्व है कि ऐसे महापुरुष हमारे साथ हैं।”

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