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“ऑपरेशन सिंदूर: 9 आतंकी ठिकाने तबाह, 100 से ज्यादा आतंकी ढेर – लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने खोले मिशन के राज”

 

 

 

 

TMP: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने जिस तरह दुश्मन को करारा जवाब दिया, उसके पीछे की कहानी अब सामने आई है। उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने पहली बार ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति और चुनौतियों पर खुलकर बात की।

उन्होंने बताया कि 7 मई को भारतीय सेना और वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए, जिनमें 100 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने का अंदाजा है।

ठिकानों की पहचान बनी सबसे बड़ी चुनौती

जनरल शर्मा ने कहा कि सबसे कठिन काम आतंकियों के कैंपों की पहचान थी।

पाकिस्तान का सीजफायर उल्लंघन

ऑपरेशन सिंदूर 7 मई को शुरू हुआ। मिसाइलें आतंकी ठिकानों पर गिरने के बाद 30 मिनट के भीतर पाकिस्तान ने संघर्षविराम तोड़ते हुए गोलीबारी शुरू कर दी।

भारतीय सेना पहले से अलर्ट थी और हर मोर्चे पर जवाब देने को तैयार थी।

भारत का साफ संदेश

लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने कहा –

“ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को संदेश दिया कि भारत आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगा।”

➡ उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक, पुलवामा के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक, और अब ऑपरेशन सिंदूर, तीनों ने भारत की सैन्य क्षमता और संकल्प को साबित किया है।

पहलगाम हमले से ऑपरेशन महादेव तक

22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोग मारे गए थे। इसके बाद देशभर में आक्रोश था।

आतंकियों की नई रणनीति

जनरल शर्मा ने बताया कि अब आतंकवादी बस्तियों से नहीं, बल्कि जंगलों, पहाड़ियों और गुफाओं से ऑपरेट करते हैं।

इसलिए किसी भी ऑपरेशन को सफल बनाने में महीनों लग सकते हैं।

ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल दुश्मन को करारा जवाब दिया बल्कि पूरी दुनिया को यह भी दिखा दिया कि भारत अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

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