उत्तरकाशी: धराली आपदा को 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है। सेना के 9 जवानों सहित कुल 68 लोग अब तक लापता माने जा रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, प्रतिदिन नौ घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, हालांकि अब तक केवल एक शव ही बरामद हो सका है।
जानकारी के अनुसार, आपदा प्रभावित क्षेत्र में 15 से अधिक संभावित स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। लेकिन गंगोत्री हाईवे की बहाली न होने से भारी मशीनें मौके पर नहीं पहुंच पा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि हाईवे खुलने के बाद ही गहराई में दबे ढांचों की खुदाई और लापता लोगों की तलाश संभव होगी।
पुलिस महानिरीक्षक एसडीआरएफ व इंसीडेंट कमांड पोस्ट के कमांडर अरुणमोहन जोशी ने बताया कि आधुनिक उपकरणों जैसे विक्टिम लोकेटिंग कैमरा, रेस्क्यू रडार और ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार से सर्वे कर मलबे के नीचे आवासीय संरचनाएं मिली हैं, जिनकी पूरी मैपिंग की जा चुकी है। लेकिन इतनी गहराई तक खोजबीन के लिए मशीनों की आवश्यकता है।
शनिवार को डीएम प्रशांत कुमार आर्य और गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने डबरानी क्षेत्र का निरीक्षण किया। डीएम ने बताया कि पुल बहने से बाधित हाईवे की बहाली के लिए बीआरओ और अन्य एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं।
इस बीच, खराब मौसम भी राहत कार्यों में रुकावट डाल रहा है। शुक्रवार रात से लेकर शनिवार सुबह तक बारिश के चलते हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाए। हालांकि दोपहर बाद मौसम खुलने पर सेना और यूकाडा के हेलीकॉप्टरों ने प्रभावित क्षेत्रों में ईंधन और राहत सामग्री पहुंचाई।
