देहरादून: भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखण्ड के 6 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPP) को डीलिस्ट कर दिया है। ये सभी दल पिछले 6 वर्षों से किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाए और भौतिक सत्यापन में इनके दफ्तर का भी कोई पता नहीं मिला। आदेश की तिथि से 30 दिनों के भीतर इन दलों को अंतिम अपील का अवसर दिया गया है।
डीलिस्ट हुए दल
-
भारतीय जनक्रांति पार्टी (देहरादून)
-
हमारी जनमंच पार्टी (देहरादून)
-
मैदानी क्रांति दल (देहरादून)
-
प्रजा मंडल पार्टी (पौड़ी गढ़वाल)
-
राष्ट्रीय ग्राम विकास पार्टी (हरिद्वार)
-
राष्ट्रीय जन सहाय दल (देहरादून)
दूसरे चरण में 11 दलों को कारण बताओ नोटिस
आयोग ने दूसरे चरण में 11 अन्य निष्क्रिय RUPP को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ये दल 2019 से अब तक किसी चुनाव में शामिल नहीं हुए हैं। इन्हें 27 अगस्त 2025 तक जवाब देने का समय मिला है।
नोटिस प्राप्त दल
-
भारत कौमी दल (हरिद्वार)
-
भारत परिवार पार्टी (हरिद्वार)
-
भारतीय मूल निवासी समाज पार्टी (देहरादून)
-
भारतीय सम्राट सुभाष सेना (हरिद्वार)
-
भारतीय अन्तोदय पार्टी (देहरादून)
-
भारतीय ग्राम नगर विकास पार्टी (देहरादून)
-
गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रन्ट (देहरादून)
-
पीपल्स पार्टी (हरिद्वार)
-
प्रजातंत्र पार्टी ऑफ इंडिया (नैनीताल)
-
सुराज सेवा दल (नैनीताल)
-
उत्तराखण्ड जनशक्ति पार्टी (देहरादून)
उद्देश्य
निर्वाचन आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत पंजीकृत दलों की गतिविधियों की समीक्षा के क्रम में की गई है। इसका उद्देश्य राजनीतिक व्यवस्था का शुद्धिकरण और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।

